पुणे के गोला-बारूद कारखाने से कारतूस चुराते हुए कर्मचारी पकड़ा गया

मुंबई: पुणे के खड़की स्थित एक गोला-बारूद कारखाने से कारतूस चुराने वाले एक कर्मचारी को खड़की पुलिस और कारखाने के सुरक्षा विभाग ने खुफिया ब्यूरो (आईबी) की मदद से गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद आरोपी कर्मचारी गणेश बोरुडे (39) की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके दोपहिया वाहन में 22 जिंदा कारतूस मिले। इस घटना के बाद खड़की पुलिस ने बोरुडे को गिरफ्तार कर लिया। 

सूचना के आधार पर आईबी और पुलिस ने फैक्ट्री गेट पर ही जाल बिछा दिया।

इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता एक गोला-बारूद फैक्ट्री में जूनियर कार्यकारी इंजीनियर के पद पर काम करता है। शनिवार को फैक्ट्री के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें फोन कर फैक्ट्री में चल रहे गुप्त ऑपरेशन के बारे में जानकारी दी। वे उन्हें फैक्ट्री गेट नं. 1 पर ले गए। वे मुझे 12 नंबर पर ले गए। जहां पहले से ही इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) और खड़की पुलिस स्टेशन के अधिकारी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में काम करने वाला गणेश बोरुडे नामक कर्मचारी जिंदा कारतूस चुराकर बाहर ले जाता है। इसके बाद ये तीनों लोग अपना भेष बदलकर अन्य लोगों के साथ गेट नं. 1 से अंदर घुस गए। 12 के बाहर जाल बिछाया गया।

शाम साढ़े पांच बजे जब बोरुडे अपने स्कूटर पर निकले तो इन लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनकी तथा उनके स्कूटर की गहन तलाशी लेने पर 22 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद जब उनसे पूछा गया कि क्या उनके पास इस मामले का कोई लाइसेंस है तो बोरुडे ने इससे साफ इनकार कर दिया। आगे की जांच में पता चला कि वह इस तरीके से कारतूस निकालता था और उन्हें बेचता था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया और आगे की जांच शुरू की गई ताकि पता लगाया जा सके कि उसने कितने कारतूस कहां और किसे बेचे थे।