मोहाली की एक अदालत ने बलात्कार के एक मामले में पुजारी बजिंदर सिंह को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मोहाली कोर्ट ने 28 मार्च को सुनवाई के बाद बजिंदर सिंह को दोषी करार दिया। तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने बजिंदर सिंह को बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया। यह मामला साल 2018 का है। पीड़िता का कहना है कि वह न्याय पाने के लिए पिछले 7 सालों से कोर्ट और पुलिस थानों के चक्कर काट रही है।
बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा
पंजाब के स्वयंभू पादरी बजिंदर सिंह को हाल ही में मोहाली की एक अदालत ने बलात्कार के एक मामले में दोषी ठहराया। मंगलवार को अदालत ने बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में आखिरी सुनवाई 28 मार्च को हुई थी। जहां तमाम सबूतों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने बजिंदर सिंह को बलात्कार के मामले में दोषी करार दिया था। यह दुष्कर्म मामला 2018 का है। पीड़िता का कहना है कि वह न्याय पाने के लिए पिछले 7 सालों से कोर्ट और पुलिस थानों के चक्कर काट रही है। पीड़िता ने दावा किया कि उसके जैसी कई अन्य महिलाएं भी हैं जिनका पुजारी बजिंदर सिंह द्वारा शोषण किया गया।
क्या बजिंदर सिंह ने भी धर्म परिवर्तन किया?
पीड़िता ने दावा किया कि बजिंदर सिंह धर्म के नाम पर लोगों को बेवकूफ बना रहा है। बजिन्दर सिंह को धर्म परिवर्तन के लिए बाहर से हवाला का पैसा भी मिला था। पादरी बजिंदर सिंह के खिलाफ बलात्कार के मामले में शिकायतकर्ता ने घटना का विवरण देते हुए पादरी को कड़ी से कड़ी सजा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि खुद को पुजारी कहने वाला बजिंदर सिंह एक जानवर है। और कई लोगों का शोषण किया गया है।