अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि 2 अप्रैल से सभी देशों पर जवाबी टैरिफ लागू किए जाएंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि जो देश इन टैरिफ से बचना चाहते हैं, वे अमेरिका के साथ अलग-अलग व्यापारिक समझौतों पर बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप के अनुसार, टैरिफ लागू होने के बाद भी समझौतों पर चर्चा के लिए अमेरिका के दरवाजे खुले रहेंगे।
मेडिकल सेक्टर पर भी टैरिफ की योजना
ट्रंप ने मेडिकल सेक्टर पर भी टैरिफ लगाने की संभावना जताई, हालांकि इस बारे में उन्होंने ज्यादा जानकारी साझा नहीं की।
ब्रिटेन समेत कई देश टैरिफ से बचने के लिए संपर्क में
एयरफोर्स वन में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा,
“हमारी कई देशों से बात हुई है। ब्रिटेन समेत कई देश इन टैरिफ से बचने के लिए अमेरिका से संपर्क कर चुके हैं। वे सभी एक सौदा करना चाहते हैं, और यह संभव भी है, बशर्ते अमेरिका को भी इससे फायदा मिले। मैं इस पर चर्चा के लिए तैयार हूं।”
टैरिफ लागू होने के बाद होगी बातचीत
जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या टैरिफ लागू होने से पहले समझौते हो सकते हैं, तो उन्होंने साफ किया कि ऐसा नहीं होगा। समझौते की प्रक्रिया टैरिफ लागू होने के बाद शुरू होगी।
यूरोपीय संघ और अमेरिका के बीच बैठक
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह वाशिंगटन में यूरोपियन यूनियन और अमेरिकी अधिकारियों के बीच बातचीत हुई। इस बैठक में ट्रंप प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ऑटो सेक्टर और पारस्परिक टैरिफ को टाला नहीं जा सकता।
यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने भी कहा कि वे संभावित व्यापार समझौते का मसौदा तैयार कर रहे हैं, ताकि अमेरिका के साथ बातचीत आगे बढ़ सके।
आगे की संभावनाएं
ट्रंप प्रशासन का यह कदम वैश्विक व्यापार पर बड़ा असर डाल सकता है। अब यह देखना होगा कि विभिन्न देश अमेरिका के साथ नए व्यापारिक समझौतों के लिए किस हद तक तैयार होते हैं।