छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में एक महिला नक्सली मारी गई

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के सीमावर्ती इलाकों में आज सुबह नक्सल विरोधी अभियान के दौरान नक्सलियों और सुरक्षा बलों के बीच एक और मुठभेड़ हुई। कई नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। अब तक मुठभेड़ स्थल से एक महिला नक्सली का शव, एक इंसास राइफल और गोला-बारूद के साथ दैनिक उपयोग की अन्य वस्तुएं बरामद की गई हैं। इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा तलाशी अभियान जारी है।

 

 29 मार्च को सुकमा में हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ था

इससे पहले 29 मार्च को सुकमा में हुई मुठभेड़ में नक्सलियों को भारी नुकसान हुआ था। सुरक्षा बलों ने 16 नक्सलियों को मार गिराया। इस ऑपरेशन के दौरान दो सैनिक मामूली रूप से घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ केरलापाल थाना क्षेत्र के जंगलों में हुई, जहां सुरक्षा बलों की एक टीम नक्सल विरोधी अभियान पर थी। एक अधिकारी ने बताया कि इस अभियान में जिला रिजर्व गार्ड (डीआरजी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान शामिल थे।

सुकमा में मुठभेड़ के बाद बीजापुर में 50 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 

सुकमा मुठभेड़ के बाद बीजापुर में 50 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले ढाई महीने में छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में 133 नक्सली मारे गए हैं। पुलिस ने बताया कि बीजापुर में आत्मसमर्पण करने वाले 50 नक्सलियों में से 14 नक्सलियों पर 68 लाख रुपये का इनाम घोषित था। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी, ताकि वे समाज की मुख्यधारा में शामिल हो सकें और शांतिपूर्ण जीवन जी सकें।

25 मार्च को दंतेवाड़ा के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे।

 

इससे पहले 25 मार्च को दंतेवाड़ा के जंगलों में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में तीन नक्सली मारे गए थे। इसमें 25 लाख रुपये का इनामी बदमाश सुधीर उर्फ ​​सुधाकर उर्फ ​​मुरली भी शामिल था। आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद को खत्म करने का संकल्प लिया है। अपने संकल्प को पूरा करने के लिए सुरक्षा बलों ने नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ ‘आत्मसमर्पण करो या मारे जाओ’ की रणनीति अपनाई है।