
नवरात्रि व्रत के समापन के बाद सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठान कन्या पूजन होता है। यह विशेष अनुष्ठान न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक पारंपरिक परंपरा भी है, जो विशेष रूप से अष्टमी या नवमी तिथि को की जाती है। इस दिन लोग छोटी कन्याओं को घर बुलाकर उनका आदर करते हैं और उन्हें भोजन कराते हैं। इसके बाद उन्हें उपहार और दक्षिणा देकर सम्मानपूर्वक विदा किया जाता है। इस पूजा को ‘कन्या पूजन’ या ‘कंजक’ भी कहा जाता है, जो देवी स्वरूप कन्याओं का पूजन होता है।
कन्या पूजन की प्रक्रिया
कन्या पूजन में 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को देवी दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में पूजा जाता है। इस दौरान कन्याओं को पूड़ी, हलवा, चना और नारियल का प्रसाद दिया जाता है। इसके बाद उन्हें उपहार देकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि कन्या पूजन करने से माता दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने आशीर्वाद से परिवार की सुख-शांति में वृद्धि करती हैं। इस बार चैत्र नवरात्रि में कन्या पूजन 5 और 6 अप्रैल को किया जाएगा।
कन्या पूजन के दौरान ध्यान रखने योग्य बातें
नवरात्रि के दौरान कन्या पूजन को लेकर लोग विशेष उत्साह दिखाते हैं, लेकिन कुछ बातें हैं, जिनका ध्यान रखना अत्यंत आवश्यक है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकता है कि पूजा विधिपूर्वक और बिना किसी त्रुटि के संपन्न हो। यदि ध्यान न दिया जाए तो यह पूजा अधूरी मानी जा सकती है, और माता नाराज हो सकती हैं।
कौन सी चीजें उपहार में न दें
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प्लास्टिक की वस्तुएं: कन्याओं को प्लास्टिक से बनी चीजें जैसे खिलौने या बर्तन उपहार में नहीं देने चाहिए।
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कांच की चीजें: कांच से बनी वस्तुएं, जैसे गिलास, कटोरी या अन्य सजावटी सामान न दें, क्योंकि ये टूटने की संभावना रखते हैं।
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नुकीली वस्तुएं: चाकू, कैंची, तलवार जैसी नुकीली चीजें उपहार में नहीं दी जानी चाहिए।
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काले रंग की वस्त्र: काले रंग के कपड़े या काला रुमाल देना अशुभ माना जाता है, इसलिए इनसे बचें।
क्या दें उपहार में
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श्रृंगार सामग्री: चूड़ी, बिंदी, मेहंदी, बालियां जैसे श्रृंगार सामग्री कन्याओं को उपहार में दी जा सकती हैं।
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शिक्षा से जुड़ी सामग्री: कॉपी, किताब, पेन, पेंसिल, ज्योमेट्री बॉक्स जैसी चीजें, जो शिक्षा से संबंधित हैं, उन्हें उपहार में दिया जा सकता है।
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फल और मिठाई: उपहार में फल, मिठाई और पैसे देना शुभ माना जाता है।
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टेडी बियर और अन्य खिलौने: छोटे बच्चों को टेडी बियर जैसे प्यारे खिलौने उपहार में दिए जा सकते हैं।
कन्या पूजन की विधि
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कन्याओं के पैर धोना: कन्याओं के घर आने पर सबसे पहले उनके पैर धोने चाहिए।
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आदरपूर्वक तिलक और आसन पर बैठाना: तिलक लगाकर कन्याओं को सम्मानपूर्वक आसन पर बैठाएं।
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भोजन की तैयारी: कन्या पूजन के लिए भोजन बनाते समय लहसुन और प्याज का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
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विदाई के बाद सफाई: कन्याओं के विदा होने के बाद तुरंत घर की सफाई नहीं करनी चाहिए। इसे पूजा के बाद थोड़ी देर तक स्थगित रखा जाना चाहिए।
- चैत्र नवरात्रि 2025 कन्या पूजन: नवरात्रि के विशेष दिन कन्या पूजन की विधि और महत्व