
उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और पारंपरिक शिल्पकला की बात करें, तो बनारसी सिल्क के बाद अगर किसी कपड़े और कढ़ाई की सबसे अधिक चर्चा होती है, तो वह है लखनऊ की चिकनकारी और लखनवी कढ़ाई। ये दोनों ही कढ़ाई शैलियां लखनऊ की समृद्ध परंपरा और हस्तशिल्प का प्रतीक हैं। हालांकि अक्सर लोग इन दोनों में फर्क समझ नहीं पाते और उन्हें एक जैसा मान लेते हैं, लेकिन वास्तव में दोनों के डिज़ाइन, कारीगरी और प्रस्तुति में महत्वपूर्ण अंतर होता है।
यहां हम आपको बता रहे हैं कि चिकनकारी और लखनवी कढ़ाई में क्या फर्क है और किसमें कौन-सी खास बात है।
चिकनकारी: नाजुकता और बारीकी की मिसाल
चिकनकारी लखनऊ की पारंपरिक और ऐतिहासिक कढ़ाई शैली है जिसकी शुरुआत मुगल काल में हुई थी। यह कढ़ाई मुख्यतः हल्के रंग के कपड़ों पर सफेद धागों से की जाती है। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसकी नाजुक और बारीक नीडलवर्क है।
मुख्य विशेषताएं:
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सफेद या पेस्टल रंगों के कपड़ों पर कढ़ाई
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फूल-पत्तियों, बेल-बूटों और ज्यामितीय डिजाइनों का उपयोग
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मलमल, कॉटन और जॉर्जेट जैसे हल्के कपड़ों पर किया जाता है
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मुख्यतः कुर्तियों, टॉप्स, साड़ियों और दुपट्टों पर प्रयोग
चिकनकारी का आकर्षण इसकी सादगी, शुद्धता और परंपरा में छिपा होता है। इसे गर्मियों के मौसम में बहुत पसंद किया जाता है क्योंकि यह हल्का और आरामदायक होता है।
लखनवी कढ़ाई: भव्यता और शाही अंदाज की पहचान
लखनवी कढ़ाई को ‘लखनवी जाली वर्क’ या ‘ज़री कढ़ाई’ के नाम से भी जाना जाता है। यह चिकनकारी से कहीं अधिक भव्य और विस्तृत कढ़ाई होती है, जिसमें रेशम के धागों, ज़री, मोती और मीनाकारी का समावेश होता है।
मुख्य विशेषताएं:
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गहरे और चमकीले रंगों के कपड़ों पर कढ़ाई
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भारी वर्क जिसमें ज़री, रेशम, मोती और सेक्विन का इस्तेमाल
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उत्सवों, शादियों और खास मौकों के लिए उपयुक्त
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शरारा, लहंगा, दुपट्टा और रिच कुर्तियों पर खासकर किया जाता है
लखनवी कढ़ाई में एक शाही ठाठ होता है और यह दिखने में अधिक भव्य और आकर्षक लगती है। यह पारंपरिक भारतीय फैशन में रॉयल्टी की छवि को दर्शाती है।
चिकनकारी बनाम लखनवी कढ़ाई: मुख्य अंतर
बिंदु | चिकनकारी | लखनवी कढ़ाई |
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डिजाइन | सूक्ष्म, नाजुक और हल्के पैटर्न | भारी, गहरे और भव्य पैटर्न |
रंगों का उपयोग | हल्के और पेस्टल रंग | गहरे, चमकीले और शाही रंग |
कपड़े | मलमल, कॉटन, जॉर्जेट | सिल्क, शिफॉन, वेलवेट |
कढ़ाई सामग्री | मुख्यतः सफेद धागे | ज़री, रेशम, मोती और मीनाकारी |
उपयोग | रोज़मर्रा पहनावे और गर्मियों के लिए | त्योहार, शादी और खास अवसरों के लिए |
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