आजकल, लोग घिबली शैली में अपनी स्वयं की छवियां बनाने की होड़ में हैं। नेताओं से लेकर मशहूर हस्तियों तक हर कोई अपनी घिबली शैली की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर रहा है।
लोग बड़ी संख्या में अपनी और अपने बच्चों की एआई-जनरेटेड तस्वीरें साझा कर रहे हैं। लेकिन, यह जितना मज़ेदार लग सकता है, उतना ही खतरनाक भी हो सकता है। खतरा यह है कि एआई इनमें से कुछ चेहरों को चुरा सकता है। दरअसल, कुछ साल पहले क्लियरव्यू एआई नामक कंपनी पर बिना अनुमति के सोशल मीडिया और समाचार वेबसाइटों से 3 अरब से अधिक तस्वीरें चुराने का आरोप लगा था। यह डेटा पुलिस और निजी कंपनियों को बेचा गया। इतना ही नहीं, मई 2024 में ऑस्ट्रेलियाई कंपनी आउटबॉक्स का डेटा लीक हुआ था, जिसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के फेशियल स्कैन, ड्राइविंग लाइसेंस और पते चोरी हो गए थे। यह डेटा एक वेबसाइट पर अपलोड किया गया था।
आप अपने चेहरे से पैसा कमा सकते हैं।
यह सोचना गलत होगा कि एआई द्वारा निर्मित छवियां मनोरंजक हैं और उनका उपयोग केवल मनोरंजन के लिए किया जा रहा है। स्टेटिस्टा की एक रिपोर्ट के अनुसार, चेहरे की पहचान तकनीक का बाजार 2025 तक 5.73 बिलियन डॉलर और 2031 तक 14.55 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है। मेटा और गूगल जैसी बड़ी कंपनियों पर अपने एआई मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए उपयोगकर्ताओं की तस्वीरों का उपयोग करने का आरोप लगाया गया है। पिमआई जैसी वेबसाइटें किसी व्यक्ति का फोटो अपलोड करके उसका संपूर्ण डिजिटल फुटप्रिंट निकाल सकती हैं।