ग्रह गोचर 2025: शनि और राहु की युति से इन 3 राशियों को मालामाल और कुबेर जैसा धन मिलेगा

29 मार्च 2025 को रात्रि 11:01 बजे कर्म के स्वामी शनि मीन राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में छाया ग्रह राहु पहले से ही मीन राशि में स्थित है, जिसके कारण मीन राशि में शनि और राहु की युति हो रही है। ज्योतिष गणना के अनुसार शनि और राहु की यह युति 18 मई 2025 तक जारी रहेगी। ज्योतिष में शनि और राहु की यह युति विशेष प्रभावी मानी जाती है, क्योंकि विपरीत स्वभाव के बावजूद दोनों ग्रह मिलकर नए अवसर प्रदान करते हैं।

 

शनि-राहु युति का राशियों पर प्रभाव

यह संयोग कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित होगा, जिससे उनके धन और सुख में वृद्धि होगी। लेकिन यह संयोजन राशि चक्र 3 के लोगों को लाभान्वित कर सकता है, जो कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के साथ अपने प्रयासों के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस राशि के लोग इस समय का उपयोग अपनी आर्थिक और करियर संबंधी योजनाओं को मजबूत करने के लिए कर सकते हैं।

TAURUS

शनि और राहु की युति वृषभ राशि वालों के लिए आय के स्रोत में वृद्धि करेगी। निवेश, संपत्ति की खरीद या पुराने ऋण की वसूली से लाभ होगा। नौकरी में पदोन्नति, नया प्रोजेक्ट शुरू करने या व्यवसाय विस्तार के अवसर मिलेंगे। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे, लंबित कानूनी या प्रशासनिक मामले सुलझेंगे और पुराने मतभेद दूर होंगे। अत्यधिक खर्च से बचें, क्योंकि राहु अचानक हानि की संभावना भी दर्शाता है।

कैंसर

कर्क राशि के जातकों को सोच-समझकर और सही निर्णय लेकर नौकरी बदलने या नया व्यवसाय शुरू करने के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विवाह की सम्भावनाएं हैं। अविवाहित लोगों को उपयुक्त जीवनसाथी मिल सकता है, जबकि विवाहित लोगों के रिश्तों में मधुरता आएगी। परिवार के सदस्यों के बीच तनाव कम होगा और पारिवारिक गतिविधियों में खुशियां आएंगी। पुरानी बीमारियों से मुक्ति मिलेगी, लेकिन मानसिक तनाव से बचने के लिए योग या ध्यान करें।

तुला राशि

तुला राशि वालों की आय नए स्रोतों से बढ़ेगी, विशेष रूप से कला, मीडिया या साझेदारी वाले व्यवसायों से लाभ होगा। पाचन तंत्र और तंत्रिका तंत्र से संबंधित समस्याएं समाप्त होंगी। नियमित व्यायाम लाभकारी होगा। आपको संगीत, लेखन, डिजाइनिंग आदि कलात्मक क्षेत्रों में सफलता मिलेगी। रचनात्मक विकास और नए कौशल सीखने के लिए यह सबसे अच्छा समय है। जीवनशैली में बदलाव आएगा, असंतुलित दिनचर्या को सुधारने का अवसर मिलेगा, जिससे दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।