खराब बाजार में भी छोटी कंपनियों ने बड़ी और मध्यम आकार की कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया, निवेशकों को मिला बेहतरीन रिटर्न

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शेयर बाजार में छोटी कंपनियों ने वित्त वर्ष 2024-25 में कमजोर बाजार परिस्थितियों में भी अच्छा प्रदर्शन कर निवेशकों को सबसे ज्यादा रिटर्न दिया है। विशेषज्ञों ने कहा कि पिछली कुछ तिमाहियों में कंपनियों के अपेक्षा से कमजोर नतीजों के कारण बाजार उच्च मूल्यांकन को बरकरार रखने में विफल रहा, जिसके परिणामस्वरूप बाजार में सुधार हुआ।

वित्त वर्ष 2024-25 में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 3,471.79 अंक यानी 8% बढ़ा, जबकि मिडकैप इंडेक्स 2,209 अंक यानी 5.61% बढ़ा। इसके विपरीत, पूरे वित्त वर्ष में बीएसई सेंसेक्स 3,763.57 अंक या 5.10% बढ़ा। इस प्रकार, कमजोर बाजार में भी, स्मॉलकैप ने निवेशकों को सबसे अधिक लाभ प्रदान किया। लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक सतीश चंद्र अलूरी ने कहा कि वित्त वर्ष 2024-25 अक्टूबर से फरवरी तक लगातार पांच महीनों की गिरावट के बाद मार्च में मजबूत उछाल के साथ सकारात्मक रूप से समाप्त हुआ। छोटी कंपनियों ने बड़ी कंपनियों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया।

सेंसेक्स ने निवेशकों को निराश किया

हाईब्रो सिक्योरिटीज के संस्थापक और प्रबंध निदेशक तरुण सिंह ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार ने वित्त वर्ष 2024-25 में मजबूत प्रदर्शन किया और वैश्विक चुनौतियों के बावजूद संतुलन बनाए रखा। चुनाव परिणामों से बाजार का विश्वास बढ़ा है, जिससे नीतिगत निरंतरता सुनिश्चित हुई है। हालांकि, उन्होंने कहा कि वर्ष के दौरान सेंसेक्स में पांच प्रतिशत की वृद्धि उत्साहजनक नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में तेजी के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप खंड अपने बड़े समकक्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

सितंबर 2024 में बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचेगा

बीएसई स्मॉलकैप सूचकांक पिछले साल 12 दिसंबर को 57,827.69 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। जबकि मिडकैप इंडेक्स 24 सितंबर 2024 को 49,701.15 के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके अतिरिक्त, सेंसेक्स 27 सितंबर 2024 को 85,978.25 अंक के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषकों के अनुसार, छोटी कंपनियों के शेयर आमतौर पर स्थानीय निवेशकों द्वारा खरीदे जाते हैं, जबकि विदेशी निवेशक बड़ी कंपनियों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2023-24 में बीएसई मिडकैप सूचकांक 15,013.95 अंक यानी 62.38 प्रतिशत बढ़ा, जबकि स्मॉलकैप 16,068.99 अंक यानी 59.60 प्रतिशत बढ़ा। इसके विपरीत बीएसई सेंसेक्स में 14,659.83 अंक या 24.85 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।