
अगर आप वित्त वर्ष 2025-26 में कार खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए है। साल की शुरुआत के कुछ ही महीनों में कार कंपनियों ने दूसरी बार दाम बढ़ा दिए हैं, जिससे ग्राहकों को झटका लगा है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में आई है, जब ऑटो सेक्टर पहले से ही स्लोडाउन का सामना कर रहा है, खासकर एंट्री-लेवल कारों की बिक्री में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
कीमतें क्यों बढ़ीं? ये हैं 7 बड़ी वजहें
- कलपुर्जों की कीमतें बढ़ीं – एल्युमिनियम 10.6% और रबर 27% तक महंगा हो गया है।
- डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हुआ है, जिससे आयात महंगा हो गया।
- फ्यूल और ट्रांसपोर्ट की लागत में बढ़ोतरी हुई है।
- उत्पादन खर्च अब कंपनियों के लिए खुद वहन करना मुश्किल हो गया है।
- CKD और CBU मॉडल्स का आयात (BMW, Hyundai जैसी कंपनियों के लिए) अब ज्यादा खर्चीला हो गया है।
- अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता और सप्लाई चेन में रुकावट (जैसे अमेरिकी नीतियों का असर)।
- कंपनियों का कहना है कि बढ़ोतरी “संतुलित” रखी गई है, ताकि बिक्री पर असर कम पड़े।
किन कंपनियों ने बढ़ाए दाम?
लगभग सभी बड़ी कार कंपनियां — Maruti Suzuki, Hyundai, Honda, Mahindra, आदि — ने अपने मॉडल्स की कीमतें बढ़ा दी हैं।
एंट्री-लेवल सेगमेंट को कुछ राहत – मिल रहे डिस्काउंट
हालांकि, एंट्री-लेवल कारों की गिरती बिक्री को देखते हुए कंपनियां और डीलर्स तगड़े डिस्काउंट और ऑफर दे रहे हैं।
FADA के मुताबिक, पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में बिक्री 7.8% घटी है, खासकर ग्रामीण इलाकों में, जहां महंगाई का असर ज्यादा दिख रहा है।
कहां मिल रही है छूट?
- Maruti Suzuki: S-Presso से Baleno तक पर डिस्काउंट
- Honda: City मॉडल पर ₹73,000 तक के ऑफर
- Mahindra: FY2024 Thar Roxx मॉडल पर ₹3 लाख तक का एक्सचेंज बोनस
- अन्य कंपनियां भी ₹2,500 से ₹75,000 तक के डिस्काउंट दे रही हैं, मॉडल के हिसाब से
नया टैक्स स्लैब और कंपनियों के डिस्काउंट मिलकर एंट्री-लेवल मार्केट को थोड़ी राहत दे सकते हैं, लेकिन कुल मिलाकर कार खरीदना अब सस्ता सौदा नहीं रहा।