उत्तर प्रदेश रेलवे Update: अप्रैल-मई में तीसरी लाइन निर्माण से ट्रेनों पर असर, शहीद एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी रद्द

उत्तर प्रदेश रेलवे Update: अप्रैल-मई में तीसरी लाइन निर्माण से ट्रेनों पर असर, शहीद एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी रद्द
उत्तर प्रदेश रेलवे Update: अप्रैल-मई में तीसरी लाइन निर्माण से ट्रेनों पर असर, शहीद एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रहेंगी रद्द

अप्रैल से मई 2025 के दौरान उत्तर प्रदेश में रेलवे एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है, जिसमें गोरखपुर और कुसम्ही स्टेशन के बीच तीसरी रेलवे लाइन बिछाई जाएगी। इस परियोजना का उद्देश्य ट्रेनों की गति को बढ़ाना, संचालन में रुकावटों को कम करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना है। हालांकि, इस विकास कार्य के चलते यात्रियों को अस्थायी असुविधाओं का सामना करना पड़ सकता है, खासकर गर्मी की छुट्टियों के दौरान जब रेल यात्रा की मांग चरम पर होती है।

रेलवे प्रशासन का कहना है कि यह नई तीसरी लाइन डोमिनगढ़-गोरखपुर-गोरखपुर कैंट सेक्शन में बनाई जाएगी और इसका काम अप्रैल से शुरू होकर मई तक चलेगा। इस दौरान लगभग 500 ट्रेनों को या तो रद्द किया जाएगा या उनका रूट बदला जाएगा। इस वजह से मुरादाबाद मंडल से गुजरने वाली 15 ट्रेनें, जिनमें शहीद एक्सप्रेस भी शामिल है, अस्थायी रूप से रद्द रहेंगी।

प्रभावित सेवाएं और ट्रेनें: यात्री रहें सतर्क

इस निर्माण कार्य के चलते यात्रियों को कई प्रमुख ट्रेनों की सेवाओं में व्यवधान का सामना करना पड़ेगा। इनमें वंदे भारत जैसी हाई-प्रोफाइल ट्रेनें भी शामिल हैं, जो लखनऊ होते हुए दिल्ली जाती हैं। कई ट्रेनों को बदले हुए रास्ते से चलाया जाएगा, और कुछ को पूरी तरह से कैंसिल किया जाएगा।

रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को सतर्क करने के लिए उनके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के ज़रिए सूचनाएं भेजनी शुरू कर दी हैं। साथ ही 139 हेल्पलाइन नंबर भी सक्रिय किए गए हैं ताकि किसी भी तरह की असुविधा की स्थिति में यात्री सहायता प्राप्त कर सकें।

सुरक्षा और निरीक्षण: रेलवे सुरक्षा आयुक्त की भूमिका

गोरखपुर और कुसम्ही के बीच इस नई रेल लाइन के लिए 11 अप्रैल से 30 अप्रैल तक कोई इंटरलॉकिंग कार्य नहीं किया जाएगा ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। इस पूरे कार्य की सुरक्षा जांच रेलवे सुरक्षा आयुक्त (सीआरएस) द्वारा की जाएगी, जो तीन मई को इस स्थान का निरीक्षण करेंगे।

यह निरीक्षण यह सुनिश्चित करेगा कि नई रेल लाइन सभी सुरक्षा मानकों पर खरी उतरे और इसका संचालन सुचारू रूप से शुरू किया जा सके। रेलवे के अनुसार, इस नए सेक्शन के चालू होने से ट्रेनों की औसत स्पीड में सुधार होगा और लाइन पर दबाव भी कम होगा।

यात्रियों को राहत: रिफंड और वैकल्पिक व्यवस्थाएं

रेलवे ने स्पष्ट किया है कि जिन यात्रियों की ट्रेनें रद्द की गई हैं, उन्हें पूरा रिफंड मिलेगा। टिकट कैंसिलेशन और रिफंड की प्रक्रिया रेलवे के नियमों के अनुसार की जाएगी और इसके लिए यात्री ऑनलाइन या स्टेशन पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा, दरभंगा से आनंदविहार तक एक विशेष ट्रेन चलाई जा रही है, जिसमें जनरल कोच होगा। यह ट्रेन 2 अप्रैल को दरभंगा से शाम 6:30 बजे रवाना होकर सीतामढ़ी, रक्सौल, नरकटियागंज, गोरखपुर और बस्ती होते हुए मुरादाबाद पहुंचेगी। मुरादाबाद से यह ट्रेन गाजियाबाद होते हुए आनंदविहार शाम 6 बजे पहुंचेगी। इस ट्रेन के जरिए दिल्ली की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सकती है।

रद्द की गई ट्रेनें: तारीखवार जानकारी

नीचे दी गई तालिका में उन ट्रेनों की जानकारी दी जा रही है, जो अप्रैल और मई महीने के दौरान रद्द रहेंगी। कृपया यात्रा करने से पहले अपने ट्रेन स्टेटस की पुष्टि अवश्य करें।

ट्रेन नंबर ट्रेन का नाम निरस्तीकरण की तिथि
22551/52 अंत्योदय एक्सप्रेस 3 व 4 मई
15057/58 आनंदविहार-गोरखपुर एक्सप्रेस 30 अप्रैल व 1 मई
04654/53 क्लोन एक्सप्रेस 30 अप्रैल व 2 मई
15531/32 जनसाधारण एक्सप्रेस 27 व 28 अप्रैल
15621/22 कामख्या-आनंदविहार एक्सप्रेस 24-25 अप्रैल, 1-2 मई
14617/18 जनसेवा एक्सप्रेस 19 से 30 अप्रैल, 1 से 3 मई
14011/12 आनंदविहार-राधिकापुर एक्सप्रेस 20, 22, 27 व 29 अप्रैल
22424/23 जनसाधारण एक्सप्रेस 20, 21, 27 व 28 अप्रैल
12587/88 अमरनाथ एक्सप्रेस 21, 26, 28 अप्रैल व 3 मई
15001/02 राप्ती गंगा एक्सप्रेस 19 से 28 अप्रैल
15005/06 राप्ती गंगा एक्सप्रेस 15 से 30 अप्रैल
15273/74 शहीद एक्सप्रेस 12 अप्रैल से 4 मई
05577/78 सहरसा-आनंदविहार स्पेशल 11 से 30 अप्रैल
15211/12 जननायक एक्सप्रेस 16 अप्रैल से 4 मई

जरूरी सूचना यात्रियों के लिए:

  • यात्रा से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी रेलवे स्टेशन से ट्रेन की स्थिति अवश्य जांच लें।
  • टिकट रद्द करने या रिफंड के लिए रेलवे के निर्धारित नियमों का पालन करें।
  • 139 हेल्पलाइन पर कॉल कर तत्काल जानकारी प्राप्त करें।

रेलवे प्रशासन की तैयारियाँ: यात्रियों की सुविधा सर्वोपरि

रेलवे प्रशासन ने तीसरी लाइन परियोजना की वजह से होने वाली असुविधा को ध्यान में रखते हुए व्यापक तैयारियाँ की हैं। इसके तहत रूट डायवर्जन, रिफंड प्रक्रिया, वैकल्पिक ट्रेनों की व्यवस्था, और सूचनाओं के सही संप्रेषण पर विशेष जोर दिया गया है। यात्रियों को सही समय पर अपडेट्स देने के लिए रेलवे ने एसएमएस, वेबसाइट, ऐप और स्टेशन अनाउंसमेंट का सहारा लिया है।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पूरा कार्य यात्री हितों को ध्यान में रखते हुए ही किया जा रहा है। उनके अनुसार, गर्मी की छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या बहुत अधिक होती है, और ऐसे में किसी भी बड़े तकनीकी कार्य को करते समय पारदर्शिता और पूर्व सूचना आवश्यक हो जाती है। यात्रियों को यह बताया जा रहा है कि जिन ट्रेनों को रद्द किया गया है, वे सुरक्षा कारणों से या कार्य में बाधा न पहुंचे, इसलिए किया गया है।

रेलवे स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है ताकि जानकारी देने, गाइड करने और टिकट रिफंड में सहायता मिल सके। इसके अलावा कुछ ट्रेनों के लिए स्टॉपेज भी बदले जा रहे हैं ताकि अन्य स्टेशनों से यात्री अपनी यात्रा जारी रख सकें।

वैकल्पिक यात्रा योजनाएँ: स्मार्ट ट्रैवलिंग टिप्स

चूंकि कई ट्रेनें इस दौरान रद्द होंगी या उनके रास्ते बदले जाएंगे, यात्रियों के लिए वैकल्पिक यात्रा योजनाएं बनाना बेहद जरूरी हो गया है। अगर आप उत्तर प्रदेश से होकर यात्रा कर रहे हैं, खासकर मुरादाबाद, गोंडा, बस्ती, या गोरखपुर रूट पर, तो ये सुझाव आपकी यात्रा को आसान बना सकते हैं:

  • दूसरे रूट की ट्रेनें देखें: अगर आपकी ट्रेन रद्द है, तो आसपास के स्टेशन से जाने वाली ट्रेन की जांच करें।

  • बस सेवा का विकल्प: छोटे रूट्स पर आप बस या टैक्सी सेवा का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • ऑनलाइन अपडेट लेते रहें: हर 24 घंटे में रेलवे की वेबसाइट या NTES ऐप पर ट्रेन स्टेटस चेक करते रहें।

  • जनरल टिकट ट्रेन का विकल्प: दरभंगा-आनंदविहार जैसी स्पेशल ट्रेनों में जनरल टिकट लेकर यात्रा संभव है।

  • अग्रिम बुकिंग: रद्द हुई ट्रेनों के विकल्पों की सीटें जल्दी भर जाती हैं, इसलिए तुरंत रिजर्वेशन कराएं।

इन टिप्स को अपनाकर आप अपने यात्रा अनुभव को काफी बेहतर बना सकते हैं।

गर्मी की छुट्टियों में यात्रा का प्रभाव: भीड़ और परेशानियाँ

अप्रैल-मई का महीना भारत में स्कूली छुट्टियों का समय होता है। यही वजह है कि इस दौरान ट्रेन यात्रा की मांग चरम पर होती है। इस समय रद्द ट्रेनों का असर सिर्फ स्थानीय नहीं, बल्कि अंतरराज्यीय यात्राओं पर भी पड़ेगा। कई परिवार जो अपने बच्चों के साथ यात्रा की योजना बना चुके थे, उन्हें अपने शेड्यूल में बदलाव करना पड़ सकता है।

स्टेशनों पर भीड़ बढ़ सकती है, जिससे टिकट बुकिंग से लेकर प्लेटफॉर्म पर चढ़ने तक सब कुछ अधिक चुनौतीपूर्ण हो जाएगा। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और महिला यात्रियों को इस दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।

रेलवे ने यात्रियों की सुविधा के लिए वॉटर पॉइंट्स, मेडिकल हेल्प, और विशेष हेल्प डेस्क की व्यवस्था करने की बात कही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिल सके। फिर भी, यह समय सावधानी और पूर्व योजना का है।

SMS और हेल्पलाइन सुविधा: यात्रियों के लिए त्वरित सूचना प्रणाली

रेलवे ने यात्रियों को ट्रेनों की स्थिति के बारे में त्वरित और स्पष्ट जानकारी देने के लिए 139 हेल्पलाइन नंबर को सक्रिय किया है। इसके अलावा, रेलवे SMS के माध्यम से यात्रियों को सूचित कर रहा है कि उनकी ट्रेन रद्द है, विलंबित है, या रूट बदला गया है।

ये डिजिटल उपाय यात्रियों को भ्रम से बचाते हैं और उन्हें समय रहते अपने निर्णय बदलने का मौका देते हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी यात्री को एक दिन पहले ही पता चल जाता है कि उनकी ट्रेन नहीं चल रही है, तो वे वैकल्पिक ट्रांसपोर्ट की योजना बना सकते हैं।

139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके यात्री निम्नलिखित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं:

  • ट्रेन का लाइव स्टेटस

  • रद्द ट्रेनों की सूची

  • टिकट कैंसलेशन और रिफंड प्रोसेस

  • वैकल्पिक ट्रेनों की जानकारी

इसके अलावा, IRCTC वेबसाइट और NTES ऐप से भी यात्री रियल-टाइम अपडेट ले सकते हैं।

स्थानीय यात्रियों पर प्रभाव: मुरादाबाद मंडल की स्थिति

इस तीसरी लाइन परियोजना का सबसे बड़ा सीधा प्रभाव मुरादाबाद मंडल पर पड़ा है। यह मंडल कई प्रमुख ट्रेनों का गुजराव स्थल है और यहां से लखनऊ, गोरखपुर, बस्ती जैसे शहरों के लिए नियमित ट्रैफिक रहता है। शहीद एक्सप्रेस, जननायक एक्सप्रेस जैसी लोकप्रिय ट्रेनों का निरस्तीकरण स्थानीय यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

मुरादाबाद से लखनऊ या गोरखपुर की ओर जाने वाले यात्रियों को अब या तो सड़क मार्ग से यात्रा करनी होगी या किसी दूसरी ट्रेन का सहारा लेना पड़ेगा। यह स्थिति विशेष रूप से उन लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकती है जो प्रतिदिन या सप्ताह में कई बार यात्रा करते हैं।

स्थानीय लोगों को सलाह दी जाती है कि वे यात्रा की योजना बनाते समय ट्रेन स्टेटस की जांच जरूर करें और स्टेशन पर पहले से पहुंचकर स्थिति का जायजा लें। साथ ही, रेलवे द्वारा दी जा रही विशेष ट्रेनों और जनरल टिकट विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं।

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