उत्तर प्रदेश की युवा भारतीय विदेश सेवा अधिकारी निधि तिवारी को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उन्हें नवंबर 2022 में इस पद पर नियुक्त किया गया था। इससे पहले वह विदेश मंत्रालय में निरस्त्रीकरण और अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विभाग में अवर सचिव थे।
आईएफएस अधिकारी निधि तिवारी का चयन
यूपी की बेटी ने पीएम मोदी के निजी सचिव का कार्यभार संभाला है। निधि तिवारी का बनारस से खास नाता है। उन्होंने यूपीएससी में 96वीं रैंक हासिल की थी। 2014 बैच की भारतीय विदेश सेवा अधिकारी निधि तिवारी को पीएम मोदी का निजी सचिव नियुक्त किया गया है। वह वाराणसी की निवासी हैं। आईएफएस बनने से पहले वह सहायक आयुक्त थीं। अपने अब तक के करियर में उन्होंने विदेश मंत्रालय के कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। उनकी प्रशासनिक योग्यता और कार्यकुशलता को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री के निजी सचिव के पद पर पदोन्नत किया गया है।
अब पीएमओ में क्या करेंगी निधि तिवारी?
निजी सचिव के रूप में निधि तिवारी अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दैनिक प्रशासनिक कार्यों को संभालेंगी। प्रधानमंत्री की बैठकें विदेशी यात्राओं की तैयारी और नीतिगत निर्णयों के समन्वय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में निजी सचिव के पद पर नियुक्त अधिकारियों का वेतनमान पे मैट्रिक्स लेवल 14 के अनुसार निर्धारित किया जाता है। इस स्तर पर वेतन रु. प्रति महीने। यह 1,44,200 है। इसके साथ ही महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, यात्रा भत्ता एवं अन्य भत्ते भी दिए जाते हैं।
निधि तिवारी वाराणसी की स्थानीय निवासी हैं।
निधि तिवारी ने 2014 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की थी। इसमें उनकी रैंक 96वीं थी। वह मूल रूप से महमूरगंज, वाराणसी की रहने वाली हैं। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास करने से पहले वह वाराणसी में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। इस नौकरी के साथ-साथ उन्होंने यूपीएससी की तैयारी भी की। आईएफएस निधि तिवारी ने 2014 में विदेश सेवा प्रशिक्षण के दौरान सर्वश्रेष्ठ अधिकारी प्रशिक्षु के रूप में ईएएम स्वर्ण पदक जीता।