PAN कार्ड में बदल सकते हैं अपना सरनेम, घर बैठे ऑनलाइन बदलने का है ये प्रोसेस

सभी प्रकार के वित्तीय लेनदेन के लिए पैन कार्ड (PAN Card) या पर्मानेंट अकाउंट नंबर (PAN) सबसे जरूरी दस्तावेज है. यह 10 अंकों के अल्फान्यूमेरिक पैन नंबर के साथ आता है. इसके के बिना कोई भी वित्तीय लेनदेन नहीं हो सकता है. PAN Card इनकम टैक्स ऑथोरिटी को सभी वित्तीय लेनदेन का ट्रैक रखने में मदद करता है जो किसी व्यक्ति या कंपनियों की टैक्स लायबिलिटी का आकलन करने में जरूरी होता है. यह टैक्स चोरी की संभावना को कम करने में मदद करता है. पैन कार्ड में पता या सरनेम बदलने के लिए कार्डधारकों को 110 रुपये का चार्ज देना होगा.

इसके अलावा, कई मामलों में पैन कार्ड का उपयोग आईडी प्रूफ (ID Proof) के रूप में भी किया जाता है. शादी के बाद उपयोगकर्ता पैन कार्ड पर अंतिम नाम और पता भी बदल सकते हैं. बैंक हो या कोई अन्य वित्तीय लेनदेन, अपना पैन नंबर देना अनिवार्य है. हालांकि, कई बार आपके पैन कार्ड में सरनेम (Surname) बदलने जैसे बदलाव करने पड़ते हैं. यहां हम आपको घर बैठे पैन कार्ड में सरनेम बदलने का पूरा प्रोसेस बता रहे हैं.

पैन कार्ड में सरनेम बदलने का प्रोसेस-

>> सबसे पहले नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड की वेबसाइट https://nsdl.co.in/ पर जाएं.

>> ‘Correction in Existing PAN’ विकल्प चुनें.

>> कैटेगरी टाइप विकल्प चुनें.

>> सही नाम और सही स्पेलिंग वाले दस्तावेज अटैच करें.

>> पता या सरनेम बदलने के लिए कार्डधारकों को 110 रुपये का चार्ज देना होगा.

>> सबमिट विकल्प पर क्लिक करें / एनएसडीएल पते पर इनकम टैक्स पैन सर्विसेज UNIT (एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा प्रबंधित) को आवेदन भेजें.

>> अपडेटेड पैन कार्ड आवेदन के दिन से 45 दिनों के भीतर रजिस्टर्ड पते पर भेज दिया जाएगा.

31 मार्च तक अंतिम मौका

आपको बता दें कि पैन कार्ड को आधार कार्ड (Aadhaar Card) से जोड़ने की अंतिम तारीख 31 मार्च, 2022 है. 31 मार्च की डेडलाइन तक ऐसा करने में विफल रहने से न केवल उनका पैन कार्ड इनवैलिड हो जाएगा. जो लोग पैन कार्ड और आधार को लिंक नहीं कराएंगे, उन्हें 1000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है. इसके लिए इनकम टैक्स एक्ट में एक नया सेक्शन 234H जोड़ा गया है.

इसके अलावा, अगर व्यक्ति इनवैलिड पैन कार्ड दिखाता है, तो इनकम टैक्स एक्ट 1961 की धारा 272N के तहत, एसेसिंग ऑफिसर ऐसे व्यक्ति को 10,000 रुपये जुर्माने का भुगतान करने का निर्देश दे सकता है.

पैन-आधार लिंक नहीं कराने से कई तरह की आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं जिसे पैन कार्ड होल्डर को झेलनी पड़ सकती है. अगर इन दोनों दस्तावेजों को लिंक नहीं कराएं तो पैन अवैध हो जाएगा और उससे जुड़े सभी काम रुक जाएंगे. इससे म्यूचुअल फंड, शेयर में नहीं किया जा सकेगा और न ही कोई नया बैंक खाता खोल सकेंगे और न पुराने का केवाईसी करा सकेंगे. इस तरह के काम में वैध पैन कार्ड की जरूरत होती है.

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