कैंसर, कोलेस्ट्रॉल और खून की कमी जैसे 10 रोगों से बचा सकता है पीला फल

सेहत को दुरुस्त रखने के लिए फलों का सेवन करना चाहिए। फलों में वो सभी जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के बेहतर कामकाज के लिए जरूरी हैं। ऐसा ही एक फल है खुबानी। इस फल के बारे में अधिकतर लोगों को नहीं पता है। इसे अंग्रेजी भाषा में एप्रिकॉट के नाम से जाना जाता है।

इसकी पैदावार भारत और पाकिस्तान में बहुतायत में होती है। इसका वैज्ञानिक नाम आर्मेनिया प्लम है। यह फल खाने में थोड़ा मीठा और थोड़ा कड़वा होता है। इसमें सेहत के लिए जरूरी विटामिन, मिनरल और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। चलिए जानते हैं इस फल से सेहत को होने वाले फायदों के बारे में।

खुबानी के पोषक तत्व

यह फाइबर, पोटेशियम, कॉपर, विटामिन ए और विटामिन ई का भंडार है। इसे खाने से त्वचा को सभी प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं। खुबानी का तेल त्वचा पर लगाने से स्किन ऑयली नहीं रहती। इसका तेल कील, मुंहासे, त्वचा संक्रमण आदि को दूर करने में सहायक है।

फाइबर होने की वजह से यह गैस्ट्रिक और पाचक रस को उत्तेजित करके पोषक तत्वों को अवशोषित करता है। इतना ही नहीं खुबानी आपको कैंसर और एनीमिया जैसी समस्याओं से बचाने में सहायक है। चलिए जानते हैं इसे खाने से आपको और क्या-क्या फायदे होते हैं।

1) कैंसर से बचाने में सहायक

रोजाना सुबह खुबानी खाने या इसका शेक पीकर आप कैंसर की रोकथाम कर सकते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सीधे तौर पर डीएनए डैमेज होने से बचाने में सहायक है।

2) फैटी लीवर से होता है बचाव

ओजटर्क एफ और उनके सहयोगियों ने चूहों पर अध्ययन किया था। उन्होंने पाया कि खुबानी से चूहों में लीवर इन्जरी कम हुयी थी। उनके अनुसार यह फैटी लीवर रोग के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।

3) बढ़ाता है आंखों की रोशनी

आंखों के लिए अच्छा- इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए होता है। विटामिन ए आंखों के लिए अच्छा होता है। इससे ना केवल ऐज-रिलेटेड मक्युलर डिजेनरैशन का खतरा कम होता है, बल्कि इलाज में भी मददगार है।

4) इन्फ्लेमेशन से लड़ता है

कटेचिंस से भरपूर खुबानी का एंटी-इन्फ्लैमटोरी प्रभाव पड़ता है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कटेचिंस सूजन की प्रक्रिया में आवश्यक एंजाइमों को रोकते हैं।

5) पाचन के लिए बेहतर

इसमें घुलनशील फाइबर होते हैं, जिससे आपको खाना पचाने में मदद मिलती है। यह भोजन से पोषक तत्वों के बेहतर अवशोषण में भी मदद करता है।

6) हृदय रोग से करता है बचाव

खुबानी में मौजूद कैरोटेनोइड्स और फ्लैवोनोइड्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट धमनियों में कोलेस्ट्रॉल के ऑक्सीकरण रोकने में सहायक हैं। इसके अन्य पोषक तत्व हृदय रोग से जुड़े मोटापा, कोलेस्ट्रॉल और डायबिटीज जैसे कारकों को कम करते हैं।

7) कोलेस्ट्रॉल लेवल करता है कम

घुलनशील फाइबर आंत में पित्त को पुनः अवशोषण को कम करके रक्त में कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में सहायक हैं। घुलनशील फाइबर भोजन पचाने के अलावा अधिक पित्त बनाने के लिए आपके ब्लड कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने की दिशा में भी काम करते हैं।

8) एनीमिया का खतरा करता है कम

नॉन-हीम आयरन से भरपूर खुबानी से एनीमिया से बचने में मदद मिलती है। इस तरह के आयरन से शरीर को बेहतर अवशोषण करने में और एनीमिया के विकास को रोकने में मदद मिलती है।

9) फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक

अध्ययनों के अनुसार, खुबानी विटामिन ई का भंडार है। इसे सेक्स विटामिन भी कहा जाता है जो सेक्स ड्राइव और फर्टिलिटी को बढ़ावा देता है। इसके अलावा इसमें एब्ससिस एसिड तत्व होता है, जो जो सेक्सुअल हार्मोन का बने रखता है।

10) वजन कम करने में सहायक

कम फैट होने की वजह से यह फल वजन कम करने वालों के लिए बेहतर है। इसके अलाव इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है जिस वजह से आपका पेट लंबे समय तक भरा रहता है और उल्टी सीधी चीजें खाने से बच जाते हैं और आपका वजन नहीं बढ़ता है।

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