पुलिस से भिड़ गई महिला मोर्चा:बोलीं- प्रदेश प्रभारी का अपमान नहीं सहेंगे, मंत्री कवासी लखमा ने डी. पुरंदेश्वरी को कह दिया था फूलन देवी

 

तस्वीर तेलीबांधा इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कीं। - Dainik Bhaskar

तस्वीर तेलीबांधा इलाके में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान कीं।

गुरुवार को भाजपा महिला मोर्चा की नेत्रियों ने सड़क पर हंगामा कर दिया। तेलीबांधा की कैनाल रोड पर रैली निकालते हुए इन महिलाओं जबरदस्त नारे बाजी की। पुलिस ने इन्हें रोका तो बवाल और बढ़ गया। दरअसल, यह सभी प्रदेश के आबकारी मंत्री कवासी लखमा का बंगला घेरने निकली थी हाथों में चूड़ियां लेकर महिलाएं नारेबाजी कर रही थीं। बीच रास्ते में पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भाजपा महिला मोर्चा की नेताओं ने कहा कि हम कवासी लखमा के घर जाकर उन्हें चूड़ियां तोहफे में देना चाहते हैं, क्योंकि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का अपमान किया है।

हाल ही में एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान मंत्री कवासी लखमा ने डी पुरंदेश्वरी की तुलना फूलन देवी से कर दी थी। इसी वजह से गुरुवार को महिला मोर्चा के नेताओं का यह आक्रोश देखने को मिला। काफी देर तक पुलिस के साथ झूमाझटकी होती रही। तेलीबांधा के कैनाल रोड पर ही महिलाएं बैठकर धरना देने लगीं। करीब 2 घंटे तक चले हाई वोल्टेज सियासी ड्रामे के बाद महिलाएं पुलिस अफसरों को ही चूड़ियां देकर लौट गई।

डी पुरंदेश्वरी सभ्य राजनीतिक परिवार से, अपमान नहीं सहेंगे
महिला मोर्चा की नेता शैलेंद्री परगनिहा ने कहा कि हम प्रदेश प्रभारी डी पुरंदेश्वरी का अपमान सहन नहीं कर सकते। उनकी तुलना फूलन देवी से की गई है। हम फूलन देवी का भी सम्मान करते हैं लेकिन डी पुरंदेश्वरी एक सथ्य राजनीतिक परिवार से आती हैं उन्हें उनकी इस तरह से तुलना करने को हम बर्दाश्त नहीं कर सकते। कवासी लखमा को माफी मांगने चाहिए।

मंत्री का मकसद अपमान नहीं था
इस पूरे मामले में कांग्रेस पार्टी ने मंत्री कवासी लखमा का बचाव किया है। पार्टी के संचार विभाग के प्रमुख शैलेश त्रिवेदी ने कहा कि भाजपा फूलन देवी कहे जाने को अपमान मानती है तो ये उनकी सोच का दोष है। फूलन देवी तो लड़ीं, आत्मसमर्पण करने के बाद सांसद बनीं, समाज की आवाज उठाई । भाजपा की मानसिकता ये है कि यदि वो किसी समाज से होने के कारण या उसके अतीत के कारण उसे दोषी मानता है और हमारे मंत्री पर हमला कर रहे हैं तो ये भाजपा की सोच का दोष है।

 

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