बिना वैक्सीन सर्टिफिकेट के बच्चों को स्कूल में नहीं मिलेगी एंट्री! कलेक्टर ने जारी किया आदेश

उज्जैनः बिना वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के 15-18 साल के बच्चों को स्कूल में एंट्री नहीं मिलेगी. यह आदेश उज्जैन कलेक्टर ने जारी किए हैं. हालांकि अभी मध्य प्रदेश में कोरोना महामारी के चलते स्कूल 31 जनवरी तक बंद हैं लेकिन जब इस माह के बाद स्कूल खुलेंगे तो स्कूल में एंट्री के लिए वैक्सीनेशन जरूरी होगा. कलेक्टर ने स्कूल संचालकों की एक बैठक में यह जानकारी दी.

बता दें कि उज्जैन जिले में 15-18 साल के बच्चों की कुल संख्या करीब एक लाख 22 हजार है. इनमें से अभी तक 82964 बच्चों ने ही वैक्सीन लगवाई है और करीब 40 हजार बच्चों ने अभी भी वैक्सीन नहीं लगवाई है. चूंकि स्कूल 31 जनवरी तक बंद हैं, इसलिए बाकी बचे बच्चों का वैक्सीनेशन करने का लक्ष्य रखा गया है. जिला कलेक्टर आशीष सिंह ने जिले के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों के प्राचार्यों के साथ बैठक बुलाई. इस बैठक में कलेक्टर ने साफ कर दिया कि जब स्कूल खुलेंगे तो उन बच्चों को एंट्री नहीं दी जाएगी, जिन्होंने वैक्सीन नहीं ली है. कलेक्टर ने 31 जनवरी तक 40 हजार बच्चों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य तय किया है.

 

इसके साथ ही कलेक्टर आशीष सिंह ने कहा कि जिले के ऐसे 10 निजी और 10 सरकारी स्कूलों को 26 जनवरी के मौके पर सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने इस आयुवर्ग के बच्चों का सौ फीसदी टीकाकरण पूरा कर लिया है.

बता दें कि केंद्रीय शिक्षा निदेशालय ने भी हाल ही में आदेश जारी किए हैं कि 15-18 साल तक के बच्चों में वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए अधिकारी विभिन्न कदम उठाएं. जिनमें सभी डीडीई (जिला) और डीडीई(जोन) के अधिकारियों को कहा गया है कि वह उनके क्षेत्र में आने वाले वैकसीनेशन सेंटर्स का दौरा करें और वैक्सीनेशन की प्रक्रिया का निरीक्षण करें. इसके साथ ही वह स्कूलों का दौरा करें और वहां रिकॉर्ड्स की जांच करें कि कितने बच्चों को वैक्सीन लग गई है और उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा वैक्सीनेशन के संबंध में सूचित किया जा रहा है या नहीं.

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