मछुआरों के मुद्दों पर सरकार ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही: मद्रास हाई कोर्ट

चेन्नई, 5 फरवरी (हि.स.)। मद्रास उच्च न्यायालय ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि सरकार तमिल मछुआरों के मुद्दे पर ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है। मुख्य न्यायाधीश एसवी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति डी भरत चक्रवर्ती की खंडपीठ ने श्रीलंकाई नौसेना द्वारा हिरासत में लिए गए 31 तमिल मछुआरों को सुरक्षित वापस लाने की मांग वाली संस्था फिशरमैन केयर की जनहित याचिका पर सुनवाई की।

याचिकाकर्ता ने भारत और श्रीलंका के बीच जलक्षेत्र में तमिल मछुआरों के पारंपरिक रूप से मछली पकड़ने के अधिकारों की रक्षा करने की भी मांग की। दस्तावेजों के अवलोकन के बाद पीठ को इस बात पर आश्चर्य जताया कि सरकार मछुआरों के मुद्दों पर कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठा रही है। पीठ ने कहा कि यह मामला लगातार सामने आ रहा है।

राज्य की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे में हस्तक्षेप के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिखा है। याचिकाकर्ता के वकील ने पारंपरिक मछली पकड़ने के अधिकारों में प्रचलित मुद्दे पर चर्चा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों को संयुक्त कार्य समिति गठित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया।

पीठ ने मामले को 11 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया, क्योंकि केंद्र सरकार के वकील ने समय मांगा।