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March 13 2026 07:12 pm

Wheat Storage Tips: गेहूं में लग जाता है घुन? दादी-नानी के इन 4 अचूक देशी तरीकों से सालभर सुरक्षित रहेगा एक-एक दाना

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लखनऊ। भारतीय रसोई और किसानों के घरों में सालभर के लिए गेहूं का भंडारण करना एक आम परंपरा है। लेकिन इस लंबी अवधि के दौरान सबसे बड़ी चुनौती होती है अनाज को 'घुन' (Weevils) से बचाना। घुन वह छोटा सा कीड़ा है जो अगर एक बार गेहूं की बोरी या ड्रम में लग जाए, तो देखते ही देखते महीनों की मेहनत और हजारों रुपये का अनाज खोखला कर देता है। बाजार में मिलने वाले रासायनिक कीटनाशक अनाज को जहरीला बना सकते हैं, इसलिए आज भी गांवों में दादी-नानी के वो पुराने देशी नुस्खे ही सबसे ज्यादा कारगर और सुरक्षित माने जाते हैं। आइए जानते हैं बिना किसी केमिकल के गेहूं को सालभर तक घुन से बचाने के रामबाण तरीके।

कड़ी धूप में सुखाना है सबसे पहला नियम

गेहूं को स्टोर करने से पहले उसकी नमी को पूरी तरह खत्म करना सबसे जरूरी कदम है। कटाई के बाद या बाजार से गेहूं लाने पर उसे कम से कम 2 से 3 दिन तक तेज धूप में अच्छी तरह फैलाकर सुखाएं। इसके अलावा, जिस लोहे या प्लास्टिक के एयरटाइट ड्रम (टंकी) में आप गेहूं रखने वाले हैं, उसे भी अंदर से साफ करके तेज धूप दिखाएं। याद रखें, ड्रम के कोनों में पुराने अनाज का एक भी दाना नहीं बचना चाहिए, क्योंकि वहीं से नए गेहूं में घुन पनपने का सबसे ज्यादा खतरा होता है।

नीम की सूखी पत्तियां बनेंगी 'प्राकृतिक रक्षक'

नीम को आयुर्वेद में सबसे बेहतरीन प्राकृतिक कीटनाशक माना गया है। गेहूं के भंडारण में इसका उपयोग सदियों से हो रहा है। इसके लिए नीम की ताजी पत्तियों को पहले छाया में अच्छी तरह सुखा लें। ध्यान रहे कि पत्तियों में जरा भी नमी न हो, वरना गेहूं सड़ सकता है। इन सूखी पत्तियों को गेहूं की परतों के बीच-बीच में बिछा दें। नीम की तेज गंध से घुन और अन्य कीड़े अनाज के आस-पास भी नहीं फटकते। कुछ ग्रामीण किसान बोरी या ड्रम की अंदरूनी सतह पर हल्का सा नीम का तेल भी लगा देते हैं, जो एक सुरक्षा कवच का काम करता है।

लहसुन की कलियां और साबुत नमक का अचूक जुगाड़

अगर आप मध्यम मात्रा में गेहूं स्टोर कर रहे हैं, तो रसोई में मौजूद लहसुन और साबुत (खड़ा) नमक आपका बड़ा काम कर सकते हैं। लहसुन की तीव्र गंध कीड़ों को दूर भगाने में बेहद असरदार होती है। गेहूं भरते समय बीच-बीच में सूखे लहसुन की कलियां (बिना छीले) डाल दें। इसके साथ ही नमी सोखने के लिए एक सूती कपड़े की छोटी सी पोटली में साबुत नमक बांधकर ड्रम के बिल्कुल बीच में रख दें। नमक सीधे गेहूं के संपर्क में नहीं आना चाहिए। यह पोटली ड्रम के अंदर की अतिरिक्त नमी को सोख लेगी और घुन पनपने का माहौल ही नहीं बन पाएगा।

जमीन पर बोरियां रखने की गलती न करें

आप चाहे कितने भी उपाय कर लें, लेकिन भंडारण का सही तरीका न अपनाने पर कीड़े लग ही जाते हैं। गेहूं की बोरियों या ड्रम को कभी भी सीधे जमीन पर सटाकर न रखें। हमेशा नीचे लकड़ी का तख्ता (Pallet) बिछाएं ताकि जमीन की सीलन अनाज तक न पहुंचे। इसके अलावा, हर 15 से 20 दिन में एक बार ड्रम का ढक्कन खोलकर अनाज की नियमित जांच जरूर करें। यदि भूलवश शुरुआती अवस्था में कहीं घुन नजर भी आ जाए, तो तुरंत पूरे गेहूं को निकालकर कड़ी धूप में फैला दें। इन छोटी-छोटी सावधानियों से आपका गेहूं पूरे साल एकदम सुरक्षित और सेहतमंद रहेगा।