तारबंदी के पार 24 सालों बाद बीजी गई गेहूं की फसल- जिला विकास उपायुक्त ने किसानों को दिए आधुनिक कृषि उपकरण

सांबा, 19 नवंबर (हि.स.)। जिला कठुआ के सीमांत क्षेत्र के बाद अब जिला सांबा के भी सीमांत क्षेत्र में तारबंदी के उस पार गेहूं की फसल की बीजाई की गई है। शनिवार को इस प्रक्रिया को शुरू करवाया गया। इस मौके पर जिला विकास उपायुक्त सांबा अनुराधा गुप्ता ने मौके पर पहुंचकर राजपुरा ब्लॉक की चक्क दुलमा पंचायत में कृषि विभाग के सहयोग से किसानों में विकसित तकनीक के आधुनिक उपकरण वितरित किए। किसानों को दो सुपर सीडर, बूम स्प्रेयर सीड फर्टिलाइजर जीरो ड्रिल मशीन, डायरेक्ट सोइंग मशीन और कंप्यूटराइज लेजर लेवलर आदि आधुनिक उपकरण दिए गए।

दरअसल भारत पाक सीमा पर राजपुरा ब्लाक के सीमांत क्षेत्र चलियाडी खुर्द तथा चलियाडी कलां गांव में 74 एकड़ भूमि पर गेहूं की फसल लगाई गई। जिससे किसानों में भी खुशी की लहर है। किसानों ने कहा कि इससे उन्हें काफी लाभ होगा। करीब 24 साल यानि दो दशकों के लंबे समय के बाद यहां फसल लगाई जा रही है। उन्होंने कहा कि इससे पहले हीरानगर में फसल लगाई गई थी जिससे उन्हें उम्मीद थी कि यहां भी ऐसी प्रक्रिया शुरू होगी। अब सांबा जिला के सीमांत क्षेत्रों में भी इस प्रक्रिया को शुरू किया गया है। इस मौके पर एसडीएम घगवाल रामकेश शर्मा, डीडीसी राजपुरा आशा रानी, बीडीसी चेयरमैन राधाकृष्ण, मुख्य कृषि अधिकारी सांबा संजय, जिला कृषि अधिकारी जितेन उपनिदेशक आत्मा प्रोजेक्ट अरुण बत्रा कृषि विस्तार अधिकारी राजपुरा विजय चौधरी सहित अन्य भी मौजूद रहे। वहीं, कृषि विस्तार अधिकारी राजपुरा विजय कुमार चौधरी ने बताया कि सुपर सीडर मशीन से बिना बार-बार खेतों की बुवाई करने की बजाय एक ही बार बीज खाद डालकर फसल लगाई जा सकेगी। वही बूम स्प्रेयर में लगे टैंक से कीटनाशक दवाओं का छिड़काव होगा। कंप्यूटराइज्ड लेजर लेवलर जमीन को लेवल करने में सहायक साबित होगा।

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