रेल यात्रा शुरू करने से पहले कंफर्म टिकट खो जाए तो क्या करें, जानें क्या है रेलवे का नियम

एक तो बड़ी मुश्किल से ट्रेन की कंफर्म टिकट (Train confirm ticket) मिलती है. और वह भी अगर खो जाए तो कितनी बड़ी मुश्किल होगी, समझना आसान है. आर्थिक नुकसान के साथ-साथ दिमागी उलझन अलग से. यह परेशानी उनके लिए है जो टिकट की कॉपी साथ लेकर चलते हैं और जिनके मोबाइल फोन पर यात्रा से जुड़ा कोई मैसेज नहीं होता. ऐसे लोगों को दिक्कत आ सकती है. लेकिन भारतीय रेलवे (Indian Railway) ने इसका भी समाधान बताया है. रेलवे ने ई-टिकट (E-ticket) और आई-टिकट (I-ticket) दोनों के बारे में उपाय बताया है.

ई-टिकट वैसी टिकट होती है जो आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट से बुक की जाती है. बुकिंग होते ही ईमेल आईडी पर टिकट भेज दी जाती है. ई-टिकट सिर्फ कंफर्म या आरएसी मिलती है. टिकट बुक करने के लिए कोई पहचान पत्र देना होता है और यह पत्र यात्रा में साथ लेकर चलना होता है. अगर आपने टिकट बुक करते वक्त कोई मोबाइल नंबर दिया है तो उस नंबर पर टिकट भेजा जाता है जिसे यात्रा के दौरान दिखा सकते हैं. फोन पर दिखने वाली टिकट भी उतनी ही मान्य है जितनी उसकी कॉपी.

ई-टिकट खो जाए तो क्या करें

  1. IRCTC की वेबसाइट पर अपनी आईडी और पासवर्ड से लॉग इन करें
  2. Booking History टैब को चेक करें
  3. जहां से जहां तक यात्रा करनी है उसे सेलेक्ट करें और ई-टिकट को प्रिंट कर लें

आई-टिकट क्या होती है

I-ticket इंटरनेट टिकट होती है जो कि ऑफिशियल आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुक करते हैं. हालांकि यह टिकट आपके पते पर कोरियर से आती है और डिलिवरी में 2-3 दिन का समय लग सकता है. इसलिए यात्रा शुरू करने की तारीख से 3-4 दिन पहले ही आई-टिकट बुक करनी चाहिए. आई-टिकट कंफर्म, आरएसी और वेटिंग तीनों कैटेगरी में मिल सकती है. आपके पते पर टिकट की हार्ड कॉपी मिलने से यह कंफर्म हो जाता है कि आपने ट्रेन टिकट की बुकिंग कराई है.

आई-टिकट का दाम ई-टिकट से थोड़ा कम होता है. दरअसल, आई-टिकट भी काउंटर टिकट होती है. बस अंतर यह होता है कि काउंटर पर खड़े नहीं होते और इसके बदले आईआरसीटीसी की वेबसाइट से बुकिंग करा लेते हैं. काउंटर पर टिकट डिलिवरी के बदले आपके पते पर कोरियर से टिकट आती है.

आई-टिकट खो जाए तो क्या करें

  1. आई-टिकट खो जाए तो तुरंत डुप्लीकेट टिकट लेना जरूरी होता है जो कि रिजर्वेशन काउंटर से मिल सकती है. यह टिकट खोने पर क्या करें, नीचे जानिए-
  2. रिजर्वेशन काउंट पर जाएं
  3. स्टेशन मास्टर के नाम एक आवेदन लिखें जिसमें पीएनआर नंबर, कहां से कहां तक यात्रा, यात्री का नाम, उम्र, लिंग की जानकारी दें
  4. आवेदन के साथ अपने आईडी प्रूफ और एड्रेस प्रूफ की एक-एक कॉपी लगाएं. यह वही प्रूफ होना चाहिए जो ओरिजिनल टिकट कटाते वक्त इस्तेमाल किया गया था
  5. डुप्लीकेट टिकट का जो चार्ज बनता है उसे जमा करें
  6. इसके बाद रेलवे काउंटर से आपको डुप्लीकेट टिकट दी जाएगी. यात्रा के दौरान इसे आईडी और एड्रेस प्रूफ के साथ दिखाएं

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