सरसों तेल के दाम में आई गिरावट, किसानों के लिए कितना नुकसानदेह साबित होंगी कम हुई कीमतें?

किसानों को इस बार सरसों की उपज की अच्छी कीमत मिल रही है. हालांकि, बाजारों में किसान कम मात्रा में ही सरसों लेकर पहुंच रहे हैं. इस बीच बुधवार को दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार को सरसों, सोयाबीन, मूंगफली और सीपीओ सहित विभिन्न तेल तिलहन कीमतों में गिरावट आई. इस गिरावट के पीछे की वजह विदेशी बाजारों में इनके भाव में आई कमजोरी को बाताया गया.

सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य-एमएसपी 4650 रुपए प्रति क्विंटल है. कोरोना महामारी के चलते लगे प्रतिबंधों की वजह से भी बाजारों में सरसों की आवक पर असर पड़ा है.

सरसों तेल के भाव में आई गिरावट

बाजार सूत्रों ने कहा कि मलेशिया और शिकागो एक्सचेंज में गिरावट आने से स्थानीय तेल तिलहनों के भाव भी दबाव में आ गए, जिससे विभिन्न तेल तिलहन कीमतों में गिरावट आई. उन्होंने कहा कि सरसों तिलहन में जहां 50 रुपये प्रति क्विन्टल की गिरावट आई. वहीं सरसों दादरी तेल के भाव 200 रुपये गिरे और इनका भाव 14300 रुपये क्विन्टल रह गया. सरसों पक्की और कच्ची घानी के भाव भी 30-30 रुपये की हानि के साथ बंद हुए.

किसानों पर असर

सरसों तेल में आई गिरावट की वजह से सरसों दाना के भाव पर भी असर पड़ा है. इसकी वजह किसानों को मिल रहे बंपर भाव में कमी आएगी. मालूम हो कि इस साल सरसों रिकॉर्ड कीमतों पर देश के बाजारों में बिक रहा है.

अन्य तेल की कीमतें

कोरोना महामारी के बीच विदेशों में हल्के तेलों की मांग को देखते हुए सोयाबीन दाना और लूज जैसे तिलहन फसलों की कीमत पूर्ववत बने रहे. वहीं, विदेशों में गिरावट के बीच मांग प्रभावित होने से सोयाबीन दिल्ली, सोयाबीन इंदौर और सोयाबीन डीगम तेल के भाव घटकर क्रमश: 15400 रुपये, 15100 रुपये और 14,250 रुपये प्रति क्विन्टल रह गए.

दिल्ली तेल तिलहन बाजार में बुधवार का भाव

  • सरसों तिलहन – 7050 – 7100 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये.
  • सरसों तेल दादरी- 14 300 रुपये प्रति क्विंटल.
  • सरसों पक्की घानी- 2135 -2215 रुपये प्रति टिन.
  • सरसों कच्ची घानी- 2315 2345 रुपये प्रति टिन.

दिल्ली तेल तिलहन बाजार में मंगलवार का भाव

  • सरसों तिलहन – 7100 – 7150 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये.
  • सरसों तेल दादरी- 14500 रुपये प्रति क्विंटल.
  • सरसों पक्की घानी- 2,165 -2,245 रुपये प्रति टिन.
  • सरसों कच्ची घानी- 2,345 – 2,375 रुपये प्रति टिन.

भारत में सरसों का उत्पादन

केंद्रीय कृषि मंत्रालय के अनुसार, देश में 2020-21 में 10.43 मिलियन टन सरसों के उत्पादन का अनुमान है. जबकि 2019-20 में यह 9.12 मिलियन टन था.  किसानों ने सरसों की फसल की 100 फीसदी कटाई पूरी कर ली है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, भारत तिलहन के मामले में अभी दूसरे देशों पर निर्भर है. इसलिए यहां किसानों को अच्छी कीमतें मिल रही हैं.

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