ज्यादा मछली खाने से क्या होता है? एक्सपर्ट से जानें 

हमारे देश के कई राज्यों जैसे- बिहार, बंगाल, असम में मछली का सेवन काफी ज्यादा किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी मानी जाती हा। इसलिए हेल्थ एक्सपर्ट भी मछली खाने की सलाह देते हैं।

इसमें कई ऐसे पोषक तत्व जैसे- ओमेगा 3 फैटी एसिड, प्रोटीन, विटामिंस भरपूर रूप से मौजूद होते हैं। मछली के सेवन से आपका दिमाग काफी तेज होसकता है। लेकिन आपको बता दें कि कुछ स्थितियों में मछली का सेवन आपके लिए नुकसानदेय भी हो सकता है। इसलिए मछली का सेवन करने से पहले इससे जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों का जानना बहुत ही जरूरी होता है। आइए जानते हैं मछली खाने से सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं।

डायट मंत्रा क्लीनिक की डायटीशियन कामिनी कुमारी का कहना है कि मछली स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी होते हैं। लेकिन इससे नुकसान होने की संभावना भी है। दरअसल, मछली पानी में मौजूद आहार और केमिकल्स को ग्रहण करती है। इस दौरान मछली मरक्यूरी और पीसीबी जैसे रसायन को भी ग्रहण करती है। जिसकी वजह से धीरे-धीरे उनके शरीर में पारा और पीसीबी काफी ज्यादा जमा होने लगता है। ऐसे में अगर आप मछली का काफी ज्यादा सेवन करते हैं, तो यह आपके शरीर को काफी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-

डायटीशियन का कहना है कि अगर आप पारा और पीसीबी युक्त मछली का सेवन काफी ज्यादा करते हैं, तो यह आपके मस्तिष्क और पहुंचा सकती है। इसलिए एक साथ अधिक मात्रा में मछली का सेवन करने से बचें। वहीं, ऐसी मछली का चुनाव करें, जिसमें पारा और पीसीबी की मात्रा कम होने की संभावना हो।

पारा युक्त मछली के सेवन से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को काफी ज्यादा नुकसान हो सकता है। अधिक मात्रा में मछली का सेवन करने से गर्भपात होने का खतरा हो सकता है। वहीं, कुछ स्थितियों में बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास भी रूक सकता है।

शरीर में काफी ज्यादा पीसीबी और पारा होने से कैंसर का खतरा हो सकता है। इसलिए बच्चों और बुजुर्गों को पारा युक्त मछली का सेवन न कराएं। यह उनके लिए अधिक घातक हो सकता है।

इसके अलावा कुछ छोटी मछलियों में डीडीई नामक विषाक्त पदार्थ होता है, जो डायबिटीज का खतरा बढ़ा सकता है। दरअसल, जब आप छोटी मछलियों का सेवन करते हैं, तो यह पदार्थ आपके लिवर में धीरे-धीरे जमा होने लगता है। जिसकी वजह से मोटापा और डायबिटीज होने का खतरा बढ़ सकता है।

अगर आप पारा युक्त मछली का सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो यह आपके शरीर के लिए काफी ज्यादा घातक हो सकता है। इसकी वजह से आपको कई तरह की समस्याएं जैसे-

  • चिंता विकृति
  • डिप्रेशन
  • चिड़चिड़ापन
  • याददाश्त कम होना।

मछली खाने के जोखिमों को कैसे करें कम ?

मछली सुरक्षित है या नहीं, इसे जांचने के लिए आप कुछ आसान उपाय फॉलो कर सकते हैं। जैसे-

  • मछली लेते समय यह पता लगाएं कि मछली कहां से पकड़ी गई है?
  • हमेशा मछली की ऐसी प्रजातियों को खाएं, जिसमें पारा या फिर अन्य हारिकारक पदार्थ कम हो।
  • मछली को अच्छे से धोकर और साफ करके खाएं।
  • मछली को अच्छे से पकाकर खाएं। ताकि केमिकल्स का प्रभाव कम हो सके।
  • समुद्री मछलियों में पारा की मात्रा अधिक होती है। इसलिए अधिक मात्रा में समुद्री मछली न खाएं।
  • सप्ताह में दो बार से अधिक मछली का सेवन न करें।

मछली स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी हो सकती है। लेकिन इसमें मौजूद केमिकल्स आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए मछली खरीदते समय उसकी अच्छे से जांच करें। वहीं, अधिक मात्रा में मछली का सेवन न करें।

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