भारत-पाकिस्तान सीमा पर बरसे आग के गोले, मिसाइल या उल्का? क्या हैं वैज्ञानिकों और सेना के दावे

राजस्थान में भारत-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में बुधवार देर रात आसमान में आग का गोला दिखाई दिया। जिससे बहुत तेज रोशनी (राजस्थान में मिस्टीरियस लाइट) देखने को मिली । इसके साथ जोरदार धमाका हुआ। आसमान में यह नजारा देखकर लोग हैरान रह गए। हालांकि, यह तुरंत स्पष्ट नहीं हो पाया कि यह मिसाइल थी या उल्का बौछार । इसको लेकर तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। इसे लेकर वैज्ञानिकों और सेना के अलग-अलग दावे हैं.इस रहस्यमयी घटना ने इलाके में सनसनी मचा दी है. उनका वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

दरअसल यह नजारा राजस्थान के कई शहरों में देखने को मिला। यह तेज रोशनी भारत-पाकिस्तान सीमा के कई इलाकों में आसमान में देखी गई। श्रीगंगानगर के सूरतगढ़ के अलावा बीकानेर, खजूवाला और रावला तक यह रहस्यमयी घटना देखने को मिली। यह आग का गोला क्या था? इसको लेकर तरह-तरह की दलीलें आ रही हैं। डेली भास्कर के अनुसार वैज्ञानिक इसे खगोलीय घटना नहीं मानते हैं। उसे डर था कि यह सेना का अभ्यास होगा। वहीं सेना के अधिकारी इस दावे को खारिज कर रहे हैं.

वैज्ञानिक ने कहा- उल्का नहीं हो सकता

रिपोर्ट के मुताबिक इसरो से जुड़े अंतरिक्ष वैज्ञानिक नरेंद्र भंडारी का कहना है कि ये उल्का नहीं हो सकते. क्योंकि उल्कापिंड केवल ऊपर से नीचे की ओर आया और नीचे से ऊपर की ओर गति कर रहा था। साथ ही इसका मोर्चा टूट रहा है और उल्का पिंड एक साथ नीचे की ओर भाग रहा है। डॉ. भंडारी का मानना ​​है कि यह मिसाइल हो सकती है। रिपोर्ट में सेना के प्रवक्ता कर्नल अमिताभ शर्मा के हवाले से कहा गया है कि सेना की ओर से आसमान में ऐसा सीन बनाने की कोई प्रैक्टिस नहीं की गई थी. ये है उल्काओं की बारिश, जो धरती पर गिरने पर कुछ इस तरह दिखती है।

यहां की घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. स्थानीय प्रशासन अभी भी घटना की जांच कर रहा है। इससे पहले 23 दिसंबर 2020 की रात बीकानेर-सूरतगढ़ हाईवे पर 6 उल्का बौछारें देखी गई थीं.

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