शिशु को दूध से नहलाने के क्या फायदे होते हैं? डॉक्टर से जानें क्या मिल्क बॉथ सुरक्षित है

बच्‍चों के ल‍िए दूध पीने के फायदे तो आप जानते ही हैं पर क्‍या आपको पता है इससे बच्‍चे को नहलाया भी जाता है। जी हां, घरेलू नुस्‍खे की बात करें या दादी के उपायों की, दूध से बच्‍चे को नहलाने का चलन काफी पुराना है पर आज के समय में डॉक्‍टर इस पर क्‍या राय रखते हैं इसे जानना भी जरूरी है।

अगर बच्‍चे की स्‍क‍िन पर एक्‍ने की समस्‍या है तो भी म‍िल्‍क बॉथ द‍िलाना फायदेमंद है क्‍योंक‍ि इसमें मौजूद लैक्‍ट‍िक एस‍िड बच्‍चे के शरीर में मौजूद एक्‍ने की समस्‍या दूर करेगा। वहीं ज्‍यादातर बच्‍चों को डायपर रैशेज की समस्‍या होती है ज‍िसे दूर करने के ल‍िए भी दूध फायदेमंद होता है।

कच्‍चे दूध का इस्‍तेमाल बच्‍चे की स्‍क‍िन के ल‍िए ज्‍यादा फायदेमंद होगा। रूम टेम्‍प्रेचर पर ही दूध को नहलाने के पानी में म‍िलाएं। पानी को हल्‍का गुनगुना रखें। हालांक‍ि बच्‍चे को हफ्ते में दो बार से ज्‍यादा म‍िल्‍क बॉथ न दें, कई बच्‍चों को दूध से एलर्जी होती है वहीं कई बच्‍चों को दूध की स्‍मेल से परेशानी हो सकती है, अगर बच्‍चा नहलाते समय रोता है तो सादे पानी का इस्‍तेमाल करें।

बाल्‍टी या टब में गुनगुना पानी भरें।

अब पानी में आधा या 100 म‍िली ज‍ितना दूध एड करें।

आप दूध और पानी का म‍िश्रण बनाएं क्‍योंक‍ि बहुत से बच्‍चों को दूध की स्‍मेल से द‍िक्‍कत हो सकती है।

अब बच्‍चे को 15 म‍िनट उसमें बैठाएं और पूरे शरीर पर दूध और पानी का म‍िश्रण डालें।

अब बच्‍चे को बाहर न‍िकालें और तौल‍िए से उसका शरीर पोंछ लें।

अब आप बच्‍चे की स्‍क‍िन पर माइल्‍ड मॉइश्‍चराइजर या नार‍ियल का तेल लगा सकते हैं ताक‍ि स्‍क‍िन को हाइड्रेशन म‍िले।

तो आप हफ्ते में एक बार बाल्‍टी या बॉथटब में दूध म‍िलाकर बच्‍चे को नहला सकते हैं।

दूध से बच्‍चे को नहलाने से डायपर से होने वाले रैशेज की समस्‍या नहीं होती, डायपर एर‍िया में रेडनेस भी कम हो जाती है।

दूध से बच्‍चे को नहलाने से स्‍क‍िन पर होने वाले से छुटकारा म‍िलता है।

दूध में लैक्‍ट‍िक एस‍िड मौजूद होता है, ये स्‍क‍िन को र‍िपेयर करता है और बच्‍चे की स्‍क‍िन को शाइनी बनाता है।

रैशेज या खुजली की समस्‍या को दूर करने के ल‍िए आप दूध का इस्‍तेमाल कर सकते हैं। इससे स्‍क‍िन में होने वाली इर‍िटेशन दूर होती है।

अगर आपके बच्‍चे को दूध की स्‍मेल से परेशानी होती है तो आप उसके साथ जबरदस्‍ती न करें, अगर बच्‍चा आरामदायक महसूस कर रहा है तो ही उसे म‍िल्‍क बॉथ द‍िलाएं। इसके साथ ही दूध की स्‍मेल को म‍िल्‍क बॉथ के समय कम करने के ल‍िए आप क‍िसी तरह की खुशबू का इस्‍तेमाल न करें, इससे बच्‍चे की त्‍वचा खराब हो सकती है। ज्‍यादा फूल के इस्‍तेमाल से भी बच्‍चे को एलर्जी हो सकती है, आप फ्रूट का पल्‍प जरूर म‍िक्‍स कर सकते हैं। वहीं दूध के साथ एलोवेरा या हल्‍दी भी म‍िलाई जा सकती है।

 

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