इस नियम से पहनें कछुआ अंगूठी, दुर्भाग्य नहीं पलटता…

वास्तुशास्त्र जीवन की समस्याओं से निजात दिलाने में अहम भूमिका निभाता है। इससे हम घर की नकारात्मक ऊर्जा को बदल सकते हैं और सकारात्मक ऊर्जा ला सकते हैं। भारत की तरह, वास्तुशास्त्र को चीन में अत्यधिक माना जाता है। वास्तुशास्त्र को फेंगशुई कहा जाता है। इस फेंगशुई के अनुसार कछुए की अंगूठी पहनकर आप अपना भाग्य छीन सकते हैं।

कछुए के छल्ले का उपयोग विभिन्न रत्नों और धातुओं से बने छल्ले के रूप में किया जा सकता है। इससे सुख, समृद्धि, धन और सौभाग्य जैसी चीजें मिलती हैं। तो आइए बिना देर किए जानते हैं कछुए की अंगूठी से जुड़ी कुछ खास बातें।

1. अगर किसी व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी है तो वह कछुए की यह अंगूठी पहन सकता है। इसे पहनने के बाद आपका आत्मविश्वास कभी कम नहीं होगा।

2. कछुए की अंगूठी पहनने से व्यक्ति के अंदर की नकारात्मकता भी दूर होती है। अगर कोई व्यक्ति नकारात्मक सोचता है तो उसे यह अंगूठी जरूर पहननी चाहिए। इससे उसकी नकारात्मक सोच सकारात्मक सोच में बदल जाएगी।

3. कछुओं को शांत और अत्यंत धैर्यवान माना जाता है। इसलिए अंगूठी पहनने वाला भी धैर्यवान और शांत हो जाता है। तो क्रोधी व्यक्ति के लिए भी यह अंगूठी सर्वोत्तम है। जिसे सहनशक्ति की कमी है उसे इसे धारण करना चाहिए।

4. अगर आप वास्तु शास्त्र को मानते हैं तो जब भी कछुआ अंगूठी पहनें तो एक बात का खास ध्यान रखें। यह अंगूठी चांदी की होनी चाहिए। इस अन्य धातु कछुआ अंगूठी को धारण करने से पूर्ण लाभ नहीं होता है।

5. कछुए की अंगूठी हमेशा सीधे हाथ में पहनें। इसे गलती से गलत हाथ में नहीं लेना चाहिए।

6. कछुआ की अंगूठी हमेशा तर्जनी और मध्यमा उंगली पर ही पहननी चाहिए। साथ ही किसी अन्य अंगुली का प्रयोग न करें।

7. कछुए की अंगूठी पहनते समय उसके मुंह की दिशा पर विचार करें। कछुए का मुंह पहनने वाले की तरफ होना चाहिए। अगर यह मुंह बाहर की तरफ रहेगा तो किसी काम का नहीं रहेगा।

8. कछुए की अंगूठी इस तरह नहीं पहननी चाहिए। खरीद का एक तरीका है। इसे मां लक्ष्मी यानी शुक्रवार को पहना जाता है। पहनने से पहले नहा लें। फिर अंगूठी को गंगाजल और कच्चे दूध से धूप-दीप दिखाएं। यह सब करने के बाद आप इसे पहन सकती हैं।

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