बंद किस्मत के दरवाजे खोल देंगे ये अंगूठियां, इनमें से कोई भी पहनें 51

लकी रिंग्स: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब कोई ग्रह कुंडली में कमजोर स्थिति में होता है तो व्यक्ति को कोई न कोई रत्न धारण करने की सलाह दी जाती है. व्यक्ति इसे धातु की अंगूठी में पहनता है। ज्योतिष में रत्नों के अलावा कुछ अन्य प्रकार की अंगूठियां भी धारण करने की सलाह दी जाती है। अगर किसी को चमकते भाग्य के साथ-साथ हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करना है तो इन 5 प्रकार की अंगूठियों में से कोई एक पहन सकता है।

ये अंगूठियां आपको बनाएंगी भाग्यशाली

सूर्य के आकार का वलय

सूर्य के आकार की अंगूठी पहनना समाज में मान, पद, प्रतिष्ठा और उन्नति के लिए लाभकारी होगा। इस अंगूठी को पहनने से सौरमंडल मजबूत होता है।

अष्टकोणीय वलय

अष्टफलक से बनी अंगूठी बहुत ही शुभ मानी जाती है। इसे धारण करने से हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। नौकरी-व्यवसाय में उन्नति के साथ स्वास्थ्य में भी सुधार होगा। साथ ही मन शांत रहता है, जिससे नए-नए विचार आते रहते हैं। अष्टफलक से बनी अंगूठी नए ग्रहों को संतुलित करती है और सौभाग्य लाती है। इस धातु का स्वामी चन्द्रमा है। यह अंगूठी कुंभ और मकर राशि के लोगों के लिए सर्वोत्तम है। इस अंगूठी को मध्यमा अंगुली में पहनना शुभ रहता है।

कछुए की अंगूठी

कछुआ धन का प्रतीक माना जाता है। वास्तु और फेंगशुई में इसे सौभाग्य का प्रतीक भी माना जाता है। माता लक्ष्मी से जुड़ी कछुआ अंगूठी पहनने से व्यक्ति के भाग्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है। इसे पहनने से मन शांत और कोमल रहता है। कछुआ अंगूठी को बीच में या उंगली में धारण करने से लाभ होगा।

घोड़े की नाल की अंगूठी

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि हो, शनि की साड़ी या धुलाई चल रही हो तो घोड़े की नस की अंगूठी पहनना शुभ होगा। इस अंगूठी को व्यक्ति को दाहिने हाथ की मध्यमा अंगुली में धारण करना चाहिए।

यह अंगूठी सांप के आकार की है

सांप के आकार की यह अंगूठी व्यक्ति की कुंडली को काला नाग पितृ दोष के साथ ग्रहण दोष से मुक्ति दिलाती है। इस अंगूठी को पहनने से व्यक्ति को सौभाग्य और सुख की प्राप्ति होती है। यह अंगूठी चांदी या अष्टफलक की ही बनानी चाहिए।

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