भारत सरकार ने कोरोना वैक्सीन Covexin को लेकर चल रही अफवाहों पर अब विराम लगा दिया है। भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि भारत बायोटेक की वैक्सीन Covaxin को अप्रूवल किसी राजनीतिक दबाव में नहीं दिया गया था. मीडिया में आ रही खबरें पूरी तरह भ्रामक और झूठी हैं। सरकार ने कहा कि कोरोना वैक्सीन को मंजूरी देने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण और निर्धारित मानकों का पालन किया गया है.

जानिए क्या था मीडिया रिपोर्ट का दावा?

वायरल हुई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि स्वदेशी वैक्सीन कोवेक्सिन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक को राजनीतिक दबाव के कारण कुछ प्रक्रियाओं को छोड़ना पड़ा और क्लिनिकल ट्रायल में तेजी लानी पड़ी। हालांकि अब भारत सरकार ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है.

भारत बायोटेक ने भी जताई नाराजगी,

जबकि भारत बायोटेक ने भी स्पष्ट किया कि वह कोवेक्सिन के खिलाफ कुछ समूहों द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक खबरों की निंदा करता है। ये वही समूह हैं जिन्हें टीके या टीका विज्ञान का व्यापक ज्ञान नहीं है। COVAXIN के विकास को गति देने के लिए कोई बाहरी दबाव नहीं था।