UP में कल पेपरलेस बजट पेश करेगी सरकार:इतिहास का सबसे बड़ा बजट होने का अनुमान, CM योगी के नाम जुड़ेगा नया रिकॉर्ड

वित्त मंत्री 22 फरवरी को सुबह 11 बजे विधानसभा में उत्तर प्रदेश का 2021-22 का बजट प्रस्तुत करेंगे। - Dainik Bhaskar

वित्त मंत्री 22 फरवरी को सुबह 11 बजे विधानसभा में उत्तर प्रदेश का 2021-22 का बजट प्रस्तुत करेंगे।

  • चालू वित्तीय वर्ष में कुल बजट 5.13 लाख करोड़ का, युवाओं पर आधारित सरकार पेश किया था बजट
  • रविवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना पहली बार पेश हो रहे डिजिटल बजट को अंतिम रुप दिया

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सोमवार को विधानसभा में अपना पांचवा व पूर्ण बजट पेश करेगी, जो केंद्र सरकार की तर्ज पर पेपरलेस होगा। अगले साल 2022 में विधान सभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कयास हैं कि योगी सरकार इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश कर सकती है, जो 5.5 से 5.6 लाख करोड़ रुपए तक का हो सकता है। चालू वित्तीय वर्ष में कुल बजट 5.13 लाख करोड़ है। इसी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम और एक रिकॉर्ड जुड़ने जा रहा है, वे BJP सरकार के पहले ऐसे CM हैं, जिनकी देखरेख में 5वीं बार बजट पेश किया जाएगा।

हर साल इस तरह बढ़ा बजट, कब किस पर रहा आधारित?

प्रदेश में BJP की सरकार बनने के बाद से हर साल बजट का आकार बढ़ा है। सरकार ने अपना पहला बजट वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3.84 लाख करोड़ का बजट पेश किया था। इसके बावजूद जनता पर बिना कोई टैक्स बढ़ाए 86 हजार किसानों की 36 हजार करोड़ की कर्जमाफी और सातवें वेतन आयोग के रूप में करीब 36 हजार करोड़ रुपए खर्च किए थे। CM योगी का अब पांचवां बजट भी भारी भरकम होने का अनुमान है।

साल धनराशि (लाख करोड़ में) लक्षित वर्ग
2020-21 5.12 युवा वर्ग
2019-20 4.79 महिला सशक्तिकरण
2018-19 4.28 औद्योगिक विकास
2017-18 3.84 किसान
विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।

जानिए क्यों योगी के नाम बन रहा नया रिकॉर्ड
उत्तर प्रदेश में BJP की सरकारों में विभिन्न समय पर पांच मुख्यमंत्री बन चुके हैं। कल्याण सिंह दो बार मुख्यमंत्री रहे तो राम प्रकाश गुप्त और राजनाथ सिंह एक-एक बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। योगी आदित्यनाथ 19 मार्च 2017 को मुख्यमंत्री बने थे और अभी भी अपने पद पर कायम हैं। प्रदेश में में पहली बार BJP की 1991 में सरकार बनी थी और मुख्यमंत्री का ताज कल्याण सिंह के सिर सजा था। लेकिन छह दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के चलते कल्याण सिंह की सरकार को बर्खास्त कर दिया गया था। वो 1 साल 165 दिन ही मुख्यमंत्री पद पर रह सके थे। हालांकि कल्याण सिंह सरकार बर्खास्त नहीं हुई होती तो स्वाभाविक तौर पर वो अपना कार्यकाल पूरा करती, क्योंकि पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनी थी।

वन ट्रिलियन डालर का लक्ष्य
आर्थिक विशेषज्ञ अरविंद जायसवाल का कहना है कि योगी सरकार ने अपने पिछले चार बजटों के माध्यम से सभी क्षेत्रों को समग्र बनाने का कार्य किया है। हालांकि अगले साल विधानसभा चुनाव भी हैं। इसलिए ज्यादातर उम्मीद यह ही है कि इस बार सरकार अपने बजट में उन क्षेत्रों पर भी फोकस करेगी, जिन पर कम काम हुआ है। उनका कहना है कि एक ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी का सपना अगर साकार होता है तो यह प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा।

बीते दिनों सभी पार्टी के विधायकों को सरकार ने टैबलेट दिया और उन्हें इसे संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिलाया।

बीते दिनों सभी पार्टी के विधायकों को सरकार ने टैबलेट दिया और उन्हें इसे संचालित करने का प्रशिक्षण भी दिलाया।

DD UP पर होगा लाइव प्रसारण
प्रदेश के वित्त, संसदीय कार्य और चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश खन्ना ने रविवार को अपनी टीम के साथ बजट को अंतिम रुप दिया है। डिजिटल माध्यमों से बजट की प्रस्तुति का खाका खींचा जा चुका है। इससे पहले मंत्री-विधायकों को आइपैड पर बजट देखने की ट्रेनिंग मिल चुकी है। वित्त मंत्री 22 फरवरी को सुबह 11 बजे विधानसभा में उत्तर प्रदेश का 2021-22 का बजट प्रस्तुत करेंगे। बजट प्रस्तुतीकरण का दूरदर्शन उत्तर प्रदेश के चैनल पर लाइव प्रसारण किया जाएगा। बजट ‘उत्तर प्रदेश सरकार का बजट’ ऐप पर उपलब्ध होगा, जिसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि बजट 2021-22 उत्तर प्रदेश सरकार का पहला पेपर लेस बजट होगा।

कांग्रेस-सपा ने कहा- हर बार की तरह जनता को ठगा जाएगा

  • कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि जनता को 4 सालों में उत्तर प्रदेश की सरकार ने ठगा। इवेंट कराने वाली सरकार हर बार विकास लेस बजट लेकर आई तो इस बार जो वह पेपरलेस बजट ला रही है। वह भी विकास लेस ही साबित होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की योजनाएं जनहित में नहीं जनता को ठगने लगी हैं।
  • विधान मंडल दल में समाजवादी पार्टी के नेता राम गोविंद ने कहा कि पिछले चार बार पेश किए गए बजट में जनता और जनहित के लिए कुछ सरकार कर नहीं पाई हैं। इस बार के बजट में उम्मीद ही नहीं है कि योगी सरकार कुछ कर पाएगी। ना शिक्षा दे पाए, न रोजगार दे पाए, न शिक्षकों की नियुक्ति करवा पाए। इस बार का भी बजट खोखला ही रहेगा। बजट के बाद पंचायत चुनाव आ जाएगा यह बजट पूरा तरीके से लोक लुभावन होगा।

 

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