असमय नहाना सेहत पर पड़ सकता है भारी, कब और कितनी बार नहाना चाहिए ये जानना है बेहतर

असमय नहाना अच्छा नहीं :  सेहत का हमारी दिनचर्या से गहरा संबंध है। हम कब उठते हैं, क्या खाते हैं, कब सोते हैं, ये सब अगर सही समय पर हो तो हमारा स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। यही बात नहाने के साथ भी है कि कब और कितनी बार नहाना चाहिए। कभी-कभी गलत समय पर नहाने से हमें भारीपन महसूस हो सकता है, जिसके परिणामस्वरूप स्वास्थ्य खराब हो सकता है। इस लेख में हम आपको नहाने के सही समय के बारे में बताएंगे-

कब और कितनी बार नहाना सेहत के लिए सही है

आमतौर पर हम सुबह उठकर नहाते हैं। इससे हम तरोताजा महसूस करते हैं और काम के दौरान आलस नहीं आता। इसके अलावा अगर हम शाम के समय नहाते हैं तो यह स्वास्थ्य की दृष्टि से भी अच्छा होता है। इससे दिनभर पसीने से होने वाली गंदगी और कीटाणु शरीर से साफ हो जाते हैं।

लेकिन शाम को स्नान करते समय हमें मौसम और समय का ध्यान रखना पड़ता है। यदि बहुत देर हो गई हो तो स्नान न करें। यदि मौसम ठीक है और बहुत देर नहीं हुई है तो आप शाम को छोड़कर हर दिन स्नान कर सकते हैं। शाम के समय नहाने से ब्लड प्रेशर और तनाव की समस्या से भी राहत मिलती है.

 

इस समय नहाना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है

खाने के तुरंत बाद नहाने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। बिस्तर पर जाने से तुरंत पहले या जागने के तुरंत बाद भी नहाने से बचें। यह आपको बीमार कर सकता है. ऐसे में जरूरी है कि नहाने से पहले कुछ देर इंतजार करें और शरीर को सामान्य होने दें।

बार-बार नहाना अच्छा नहीं होता 

कुछ लोग खासकर गर्मी के मौसम में बार-बार नहाते हैं। जिसके कारण कभी-कभी वे बीमार भी पड़ जाते हैं। जैसा कि हमने ऊपर बताया, दिन में दो बार सुबह और शाम नहाना अच्छा रहता है। कुछ परिस्थितियों में, आप दो बार से अधिक भी स्नान कर सकते हैं।

बारिश में भीगने के बाद नहाएं

बारिश में भीग जाने पर नहाना जरूरी है। बारिश के साथ वातावरण में मौजूद बैक्टीरिया और गंदगी भी हमारे शरीर पर आ जाते हैं। इसलिए बारिश में भीगने के बाद हमें घर पर ही साफ पानी से अच्छे से नहाना चाहिए।