नई दिल्ली :  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिक्योरिटी में चूक को लेकर पंजाब की कांग्रेस सरकार घिरती जा रही है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पंजाब पुलिस और सरकार पर लापरवाही बरतने के आरोप लगाए हैं। स्मृति ईरानी ने पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने प्रियंका गांधी को पीएम की सुरक्षा चूक की जानकारी क्यों दी? जबकि ऐसा करना गलत है।

स्मृति ईरानी ने एक टीवी चैनल के स्टिंग ऑपरेशन का हवाला देकर कहा कि पीएम मोदी की सुरक्षा में चूक का सच सबके सामने आ गया है। स्टिंग ऑपरेशन में सीआईडी की तरफ से जानकारी दी गई है। इसमें कहा गया कि प्रशासन को पीएम की सुरक्षा में चूक को लेकर जानकारी दी गई थी। स्मृति ईरानी ने आरोप लगाए कि कांग्रेस ने जानबूझकर पीएम को असुरक्षित रखा। स्मृति ईरानी ने कहा कि पीएम की सुरक्षा से समझौता करके किसे फायदा हुआ? जब सुरक्षा में चूक का अंदेशा था, तो सरकार ने इस दिशा में कदम क्यों नहीं उठाया?

स्मृति ईरानी ने 12 जनवरी को इस मामल में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि डीजीपी ने क्यों पूरी व्यवस्था और रूट सुरक्षित है, ऐसा संदेश प्रधानमंत्री की सुरक्षा टीम को दिया? ईरानी ने सवाल उठाया कि पंजाब के वो कौन कांग्रेस सरकार में आला अधिकारी हैं, जो इस अलर्ट के बाद भी प्रधानमंत्री को सुरक्षा देने के लिए कोई भी कदम नहीं उठा रहे थे? स्मृति ने कहा कि पंजाब पुलिस के अधिकारी का ये वक्तव्य की प्रधानमंत्री की सुरक्षा भंग होने की जानकारी वो वरिष्ठ अधिकारियों, पंजाब प्रशासन और सरकार को देते रहे, लेकिन सरकार की तरफ से कोई ऐसा हस्तक्षेप जो प्रधानमंत्री जी को सुरक्षा दे, ऐसा कुछ नहीं किया गया। स्मृति ईरानी ने कहा-पंजाब में प्रधानमंत्री जी की सुरक्षा को भंग होते देख मैंने कांग्रेस नेतृत्व के समक्ष कुछ प्रश्न रखे थे।

इस मामले में जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक कमेटी का गठन कर दिया है। जांच टीम को सुप्रीम कोर्ट की रिटायर्ड जस्टिस इंदु मल्होत्रा लीड करेंगी। उनके साथ पैनल में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के महानिदेशक, पंजाब के सुरक्षा महानिदेशक और पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल सदस्य होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र समिति का गठन करते हुए कहा कि पैनल सुरक्षा उल्लंघन के कारणों, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों और भविष्य में वीवीआईपी के ऐसे सुरक्षा उल्लंघनों को रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों की जांच करेगा।  पूर्व IPS किरण बेदी ने सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित की गई समिति का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि इसकी  जरूरत थी क्योंकि यह पंजाब सरकार और सिविल प्रशासन दोनों द्वारा बहुत ही संकटपूर्ण व्यवहार था और ये देश के बाकी हिस्सों के लिए एक बहुत खराब उदाहरण है।

5 जनवरी को पंजाब के बठिंडा से हुसैनीवाला जाते समय प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक (Pm security breach) का मामला सामने आया था। पीएम को 20 मिनट तक ओवरब्रिज पर फंसने के बाद लौटना पड़ा था। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी का काफिला जब हुसैनीवाला में शहीद स्मारक के 30 किमी पहले एक फ्लाईओवर पर पहुंचा, जहां प्रदर्शनकारियों ने रोड ब्लॉक कर रखी थी।