देवभूमि से यूसीसी की शुरुआत सुखद : महेंद्र भट्ट

देहरादून, 02 फरवरी (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) कमेटी की ओर से मुख्यमंत्री को ड्राफ्ट सौंपे जाने पर प्रसन्नता जताई है। उन्होंने कहा कि देवभूमि से यूसीसी की शुरुआत सुखद है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने शुक्रवार को कहा कि सरकार जनता से किया अपना एक और वादा पूरा करने जा रही है। हमें उम्मीद है कि सदन से यह सर्वसम्मति से पास हो और एक समान नागरिक कानून की देवभूमि से शुरुआत हो।

महेंद्र भट्ट ने कहा कि देश में समान नागरिक संहिता पार्टी की वैचारिक और सैद्धांतिक प्रतिबद्धता है। यही वजह है कि अपनी स्थापना से ही राजनैतिक नफा नुकसान को दरकिनार कर पार्टी लगातार इसको लागू करने को लेकर जनजागरण और अन्य प्रयास करती आई है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विगत विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सरकार आने पर यूसीसी लागू करने का वादा किया था। जिसके बाद कैबिनेट की पहली बैठक में ड्राफ्ट कमेटी का गठन किया था। 43 से अधिक जनसंवाद कार्यक्रमों, समिति सदस्यों की अध्ययन बैठकों, वेब पोर्टल समेत सभी माध्यमों से कुल 2.33 लाख से अधिक सुझावों के आधार पर आखिरकार प्रदेश को अपना सामान नागरिक संहिता का ड्राफ्ट मिल गया है। मुख्यमंत्री धामी ने भरोसा दिलाया है कि आगामी सत्र में इसे पेश किया जाएगा। अब चंद दिनों का इंतजार है जब देवभूमि के सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून होगा।

उन्होंने सभी राजनैतिक दलों से अपील की है कि दलगत भावनाओं से ऊपर उठकर उत्तराखंड वासियों की भावना को ध्यान रखकर बने इस कानून पर सकारात्मक चर्चा करें। क्योंकि हमारा मानना है कि भारतीय संस्कृति के अनुरूप समान नागरिक संहिता व्यवस्था की शुरुआत के लिए देवभूमि से बेहतर कोई अन्य राज्य नहीं हो सकता है।

उन्होंने विपक्ष के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि जो किसी कारणवश सुझाव नहीं दे पाए थे या जिनके लिए राजनीति से अधिक जनता की भावनाएं महत्व रखती हैं वे अभी भी अपनी पार्टी के विधायकों पर सदन में अपने सकारात्मक सुझाव रखने का दबाव बना सकते हैं। उन्होंने विपक्ष के तमाम आरोपों को दरकिनार कर कहा कि भाजपा जनता के लिए, जनता के मुद्दों पर राजनीति करती है, इसीलिए एक देश एक कानून के लिए कटिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि आजादी के शुरुआती दिनों में तो कांग्रेस और अन्य पार्टी के नेताओं ने भी इस मुद्दे का समर्थन किया था, लेकिन एक वर्ग को खुश करने के लिए तुष्टिकरण नीति अपनाई लेकिन यूसीसी नहीं अपनाया।

चुनावी लाभ के लिए यूसीसी लाने के आरोपों पर पलटवार कर भट्ट ने कहा कि कांग्रेस के पास भी सुनहरा मौका है कि जब सदन में कानून आए तो उस पर सकारात्मक ढंग से चर्चा करें। साथ ही सर्वसम्मति से उसे पास करने में अपनी सहभागिता देकर उसका चुनावी लाभ ले।