ट्रिब्यूनल ने बेस्ट को पीड़ित के परिजनों को 13 लाख रुपये का मुआवजा देने का दिया आदेश

ठाणे : ठाणे मोटर दुर्घटना के दावे में ट्रिब्यूनल (Motor Accident Claim Tribunal) ने बृहनमुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (बेस्ट) को एक 20 साल के व्यक्ति के परिवार को 13.21 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है. पीड़ित व्यक्ति की मौत 2017 में उपक्रम द्वारा संचालित एक बस में सड़क दुर्घटना में हो गई थी. बेस्ट मुंबई और पड़ोसी नवी मुंबई, ठाणे, मीरा और भायंदर क्षेत्रों में बस परिवहन सेवाएं प्रदान करता है. 19 मई को पारित आदेश में, एमएसीटी के सदस्य एम एम वालिमोहमड ने दावे की तारीख से 7 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज के साथ दावेदारों को भुगतान करने का आदेश दिया है. इसमें विफल रहने पर भुगतान के समय तक कुल राशि पर 8 प्रतिशत पर ब्याज का भुगतान करना होगा. पीड़ित की मां मीना वासंत पाटिल (51) और भाई विवेक वासंत पाटिल (30) महाराष्ट्र के रागाद के पानवेल तहसील में स्थित अदाई गांव के निवासी हैं.

उनके वकील, एडवोकेट सांबजी टी कडम ने ट्रिब्यूनल को बताया कि जब 19 दिसंबर, 2017 को दुर्घटना हुई, तो मृतक, निरज वसंत पाटिल, नवी मुंबई में सीवुड्स की ओर एक मोटरसाइकिल पर जा रहे थे. उस समय, सीवुड से आने वाली बेस्ट बस ने अचानक एक मोड़ ले लिया, जिसके कारण पाटिल ने अपनी मोटरसाइकिल पर नियंत्रण खो दिया और वह बस से टकरा कर निचे गिर गया. दुर्घटना में पाटिल को गंभीर चोटें आईं. बाद में उसकी मृत्यु हो गई. वकील ने ट्रिब्यूनल को यह भी बताया कि मृतक एक अनुबंध कर्मचारी के रूप में एक जल आपूर्ति एजेंसी में काम कर रहा था और प्रति माह 12,000 रुपये कमा रहा था. ट्रिब्यूनल ने माना कि निरज वसंत पाटिल की मौत से परिवार को संपत्ति, प्रेम और स्नेह का नुकसान हुआ है. दोनों पक्षों से तर्क सुनने के बाद, ट्रिब्यूनल ने माना कि बेस्ट ड्राइवर की गलती थी और मुआवजे का भुगतान करने का आदेश दिया.

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