Travel Special: भगवान राम से है ओरछा का खास कनेक्शन, घूमने के लिए बेस्ट है ये जगह

ओरछा मध्य प्रदेश के बेतवा नदी के किनारे स्थित है. आज के समय में इतिहास को जानने वाले लोग ओरछा का रूख जमकर कर रहे हैं. दे प्राचीन में ओरछा को “उरछा” के नाम से भी जाना जाता है. ओरछा के इतिहास के बारे में जितना जाना जाए कम ही है. यहां आपको हिस्ट्रीकल प्लेसेस, टेम्पल्स, फोर्ट और अन्य टूरिस्ट अट्रेक्शन देखने को मिलेगें. आइए आज ओरछा की बेस्ट जगहों के बारे में बताते हैं.

राम राजा मंदिर ओरछा की यात्रा का मुख्य केंद्र है. इस मंदिर में भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है. ओरछा के लोगों का मानना है कि राम भगवान दिन में इसी मंदिर में रहते हैं और रात में अयोध्या जाते हैं. इतना ही नहीं  आज देश भर के भक्त और पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है.
राम राजा मंदिर ओरछा की यात्रा का मुख्य केंद्र है. इस मंदिर में भगवान राम को राजा के रूप में पूजा जाता है. ओरछा के लोगों का मानना है कि राम भगवान दिन में इसी मंदिर में रहते हैं और रात में अयोध्या जाते हैं. इतना ही नहीं आज देश भर के भक्त और पर्यटकों के लिए आस्था का केंद्र बना हुआ है.
बेतवा रिवर ओरछा में घूमने के लिए  सबसे खास जगहों में से एक मानी जाती है बेतवा रिवर ओरछा की ट्रिप में घूमने के लिए इसलिए खास क्योंकि यहां आप इतिहास को जानने के अलावा में राफ्टिंग और बोट राइड जैसी एक्साईटेड एक्टिविटीज को एन्जॉय कर सकते हैं.
बेतवा रिवर ओरछा में घूमने के लिए सबसे खास जगहों में से एक मानी जाती है बेतवा रिवर ओरछा की ट्रिप में घूमने के लिए इसलिए खास क्योंकि यहां आप इतिहास को जानने के अलावा में राफ्टिंग और बोट राइड जैसी एक्साईटेड एक्टिविटीज को एन्जॉय कर सकते हैं.
875 ईशा में गुर्जर प्रतिहार वंश के शासनकाल ने चतुर्भुज मंदिर को बनवाया था.चतुर्भुज मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. कहते हैं कि इस मंदिर का एक बड़ा हिस्सा अभी तक अधूरा है. इतिहास प्रेमियों के लिए ये जगह काफी खास है.यहां भगवान विष्णु की चार भुजाओं वाली मूर्ति स्थापित है.
875 ईशा में गुर्जर प्रतिहार वंश के शासनकाल ने चतुर्भुज मंदिर को बनवाया था.चतुर्भुज मंदिर भगवान विष्णु को समर्पित है. कहते हैं कि इस मंदिर का एक बड़ा हिस्सा अभी तक अधूरा है. इतिहास प्रेमियों के लिए ये जगह काफी खास है.यहां भगवान विष्णु की चार भुजाओं वाली मूर्ति स्थापित है.
बेतवा नदी के तट पर स्थित “ओरछा फोर्ट” बसा हुआ  है. इस किले में इतिहास की झलक साफ दिखती है. आपको बता दें कि ओरछा फोर्ट का निर्माण 16 वीं शताब्दी में बुंदेला रुद्र प्रताप सिंह द्वारा बनाया गया था. घूमने के लिए ये फोर्ट काफी खास है.
बेतवा नदी के तट पर स्थित “ओरछा फोर्ट” बसा हुआ है. इस किले में इतिहास की झलक साफ दिखती है. आपको बता दें कि ओरछा फोर्ट का निर्माण 16 वीं शताब्दी में बुंदेला रुद्र प्रताप सिंह द्वारा बनाया गया था. घूमने के लिए ये फोर्ट काफी खास है.
धन और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी जी को समर्पित लक्ष्मी नारायण मंदिर ओरछा की शान है.बता दें कि इस खूबसूरत  मंदिर का निर्माण 16 वीं शताब्दी में बीर सिंह देव ने करवाया था. इस मंदिर में एक अनूठी वास्तुकला है जो एक किले और मंदिर के सांचों का अद्भुद मिश्रण है.
धन और सौभाग्य की देवी लक्ष्मी जी को समर्पित लक्ष्मी नारायण मंदिर ओरछा की शान है.बता दें कि इस खूबसूरत मंदिर का निर्माण 16 वीं शताब्दी में बीर सिंह देव ने करवाया था. इस मंदिर में एक अनूठी वास्तुकला है जो एक किले और मंदिर के सांचों का अद्भुद मिश्रण है.

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