सुख, शांति, प्रेम और समृद्धि लाएगा यह चमत्कारी रत्न, जानिए ज्योतिष के अनुसार इसे पहनने का सही तरीका

जीवन में सुख, सुविधा, शांति, समृद्धि और प्रेम की चाहत हर इंसान में होती है। इन्सान उन्हें पाने के लिए क्या नहीं करता? शुक्र का अर्थ है समृद्धि, एक ओपल में यह सब देने की क्षमता, क्योंकि यह रत्न शुक्र ग्रह का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष शास्त्र में इसे पाने के कई तरीके हैं, आज हम आपको एक ऐसे ही अद्भुत रत्न के बारे में बताने जा रहे हैं।

ओपल रत्न के लाभ

ज्योतिष के अनुसार ओपल शुक्र का रत्न है, अर्थात शुक्र ग्रह का रत्न है। ओपल रत्न दाम्पत्य जीवन का कारक माना जाता है। यदि आप ओपल रत्न विशेषकर पुरुष धारण करते हैं, तो आपको वैवाहिक सुख देखने को मिलेगा। वैवाहिक सुख में आपको किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता है।

दूसरा ओपल रत्न शारीरिक सुख का कारक माना जाता है। यदि आप कुंडली में किसी समस्या का सामना कर रहे हैं, गृह सुख में समस्या है, वाहन सुख में समस्या है, यदि आप किसी सुख का सामना कर रहे हैं तो यदि आप ओपल रत्न धारण कर रहे हैं (यदि आपके पास शुक्र कारक है) तो आपको भौतिक सुख भी प्राप्त होगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र को अभिनय या कला का कारक माना गया है, इसलिए क्रिस्टल रत्न भी इनके लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। पथरी या किडनी की समस्या या आंतरिक समस्या या त्वचा की समस्या होने पर भी आप इस रत्न को पहन सकते हैं। जो महिलाएं ब्यूटी पार्लर या टेक्सटाइल में काम करना चाहती हैं उनके लिए ओपल रत्न पहनना बहुत अच्छा परिणाम देगा।

ओपल रत्न कब धारण कर सकते हैं?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ओपल रत्न धारण करने के लिए वृष, तुला, कन्या, मिथुन, मकर, कुंभ राशि के लोगों को ओपल रत्न धारण करना चाहिए। कर्क राशि के लोग भी ओपल रत्न धारण कर सकते हैं, लेकिन किसी अच्छे ज्योतिषी की सलाह पर।

दूसरी शर्त, शुक्र यदि आरोही भाव में बैठा हो तो आप मान सकते हैं। शुक्र के धन भाव में होने पर भी आप इसे पहन सकते हैं। इसे आप चतुर्थ भाव यानि सुख में भी धारण कर सकते हैं। यदि शुक्र शिशु के घर में हो तो आप यह मान सकते हैं। शुक्र भाग्य के स्थान पर आप बहुत कुछ पहन भी सकते हैं, शुक्र के कर्म भाव में होने पर भी आप इसे पहन सकते हैं।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आमतौर पर यदि ये तीनों भाव शुक्र 6,8,12 में हों तो आपको ओपल रत्न नहीं पहनना चाहिए। आपको इन तीन घरों को धारण करने से बचना चाहिए।

ओपल कैसे पहनें:

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रत्न धारण करने की एक विशेष विधि होती है, जिसका पालन न करने पर रत्नों के प्रभाव को धीमा किया जा सकता है। शुक्रवार के दिन सूर्योदय के बाद शुक्ल पक्ष में आप ओपल रत्न धारण कर सकते हैं। इस अंगूठी को गंगाजल और दूध में डालकर अगले दिन रात को सूर्योदय के बाद धारण करें। बीज मंत्र का 1008 बार जप करेंगे “O द्रं द्रं द्रौं : शुक्राय नमः”

इस मंत्र के 33000 जपों के साथ यदि इस क्रिस्टल का जाप किया जाए तो विशेष फल प्राप्त होता है। यह उसका तरीका है और आपको इसके अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। चांदी में ओपल पहनें, इसे आप तर्जनी में पहन सकते हैं। यह 45 दिनों में अच्छे परिणाम देना शुरू कर देगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार व्यक्ति को किसी अच्छे ज्योतिषी की व्यक्तिगत सलाह के बाद ही रत्न धारण करना चाहिए अन्यथा हानि होने की संभावना है।

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