‘यह सनातन धर्म की बड़ी जीत है’, इलाहाबाद HC के फैसले के बाद वकील की प्रतिक्रिया

ज्ञानवापी मस्जिद के व्यासजी तहखाने में इबादत करने का फैसला देकर मुस्लिम पक्ष को झटका देते हुए चे. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी जिला अदालत को चुनौती देने वाली ज्ञानवापी मस्जिद कमेटी की अपील खारिज कर दी. अधिवक्ता प्रभास पांडे ने इस फैसले को सनातन धर्म की जीत बताया है.

सनातन धर्म की विजय- वकील

अधिवक्ता प्रभास पांडे ने कहा कि न्यायाधीश ने जिला न्यायाधीश के आदेश के खिलाफ मुस्लिम पक्ष द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया है…इसका मतलब है कि पूजा यथावत जारी रहेगी. यह हमारे सनातन धर्म के लिए एक बड़ी जीत है.. महत्वपूर्ण बात यह है कि उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल न्यायाधीश पीठ ने अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी (एआईएमसी) द्वारा दायर याचिका को खारिज कर दिया। एक अन्य वकील हरि शंकर जैन ने भी अदालत के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि 1993 तक हिंदू व्यास तहखाने में पूजा करते थे, लेकिन उन्हें अवैध रूप से रोक दिया गया था।

 

 

आज हाईकोर्ट ने भी मान लिया-अधिवक्ता सुभाष नंदन चतुर्वेदी

वकील सुभाष नंदन चतुवेर्दी ने कहा, “हाई कोर्ट ने भी आज माना कि वहां पूजा और अनुष्ठान हुआ था और 1993 में बिना किसी दस्तावेज़ या आदेश के अनुष्ठान बंद कर दिया गया था… इसलिए, जिला न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा जाता है।” “आज…हाईकोर्ट ने हमारे पक्ष में फैसला सुनाया…अंजुमन इंतजामिया (मस्जिद कमेटी) की आपत्ति को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है।”