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April 16 2026 04:11 pm

इस दिवाली बाज़ार में होगी 7.58 लाख करोड़ की 'धनवर्षा'! जानिए भारतीय क्या खरीद रहे हैं सबसे ज़्यादा

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बाज़ारों में पैर रखने की जगह नहीं, चेहरों पर त्योहार की चमक, और दुकानदारों की खत्म न होने वाली व्यस्तता... जी हाँ, दिवाली का असली जादू शुरू हो चुका है! और इस बार यह जादू सिर्फ घरों में ही नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था में भी चार चांद लगाने वाला है।

इस दिवाली बाज़ारों में होगी 7.58 लाख करोड़ रुपये की 'पैसों की बारिश'!

यह कोई छोटा-मोटा आंकड़ा नहीं है! बिजनेस चैंबर ऑफ इंडिया (BUVM) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें यह अनुमान लगाया गया है कि इस त्योहारी और शादियों के सीजन में देश भर के बाज़ारों में 7.58 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड तोड़ व्यापार होने वाला है। यह आंकड़ा दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, जयपुर जैसे बड़े शहरों से लेकर छोटे कस्बों तक के सर्वे के बाद सामने आया है।

तो आखिर क्यों हो रही है यह खुशियों की खरीदारी?

इसके पीछे की वजह सिर्फ त्योहार नहीं, बल्कि कई और भी हैं:

  • लोगों में दो साल बाद खुलकर खर्च करने का उत्साह है।
  • 'मेड इन इंडिया' और स्थानीय उत्पादों के प्रति लोगों का प्यार बढ़ा है।
  • GST में मिली छूट ने भी बाज़ार को एक नई रफ़्तार दी है।

तो आखिर भारतीय खरीद क्या रहे हैं?

इस बार की शॉपिंग लिस्ट में सब कुछ है!

  1. गाड़ियां और बाइक (सड़कों के राजा): इस लिस्ट में सबसे ऊपर हैं गाड़ियाँ! कार, बाइक और ई-रिक्शा मिलाकर अकेले 1.30 लाख करोड़ रुपये की बिक्री का अनुमान है।
  2. अपना घर (सपनों का आशियाना): दूसरे नंबर पर है रियल एस्टेट। लोग जमकर नए घर खरीद रहे हैं या पुराने को बनवा रहे हैं। इस सेक्टर में 1.20 लाख करोड़ का व्यापार होने की उम्मीद है।
  3. बाकी सब कुछ: इनके अलावा सोना-चांदी, मोबाइल-लैपटॉप, नए कपड़े, घर की सजावट और मिठाइयों पर भी लोग दिल खोलकर खर्च कर रहे हैं।

सिर्फ शहरों में ही नहीं, गाँवों में भी है धूम!

इस बार की खरीदारी सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है। फसल कटने के बाद किसानों की जेब में आए पैसे और गाँवों में शादियों के चलते, ग्रामीण बाज़ारों में भी ज़बरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। मिट्टी के दीये बनाने वाले कुम्हारों से लेकर स्थानीय कारीगरों तक, हर किसी के चेहरे पर खुशी है।

उत्तर प्रदेश में फूटेंगे ₹10,000 करोड़ के पटाखे!

पटाखों का व्यापार भी इस बार आसमान छू रहा है। अकेले उत्तर प्रदेश में ही 10,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के पटाखों की बिक्री का अनुमान है।

यह सिर्फ बड़े बिज़नेस की कहानी नहीं है। यह उस छोटे दीये बनाने वाले, मिठाई वाले और कपड़े की दुकान वाले की भी कहानी है, जिसकी दिवाली इस बार सच में 'हैप्पी' होने वाली है!