यूपी में चुनावी चर्चा में हैं प्रधानमंत्री मोदी की यह दो फोटो, जानिए वजह

लखनऊ, 13 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की सियासत में इस वक्त प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दो फोटो चर्चा में हैं। एक फोटो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की 2019 के प्रयागराज कुम्भ में सफाई कर्मियों के पैर धोने की है। दूसरी फोटो में वह बाबा विश्वनाथ धाम का निर्माण करने वाले श्रमिकों पर पुष्प वर्षा करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भाजपा इस फोटो के माध्यम से विपक्ष को उसके पिछड़ा और दलित विरोधी आरोपों का जवाब देना चाह रही है।

दरअसल, उत्तर प्रदेश में पूरा विपक्ष, भारतीय जनता पार्टी की सरकार के कामकाज और उसकी नीतियों से लड़ रहा है। भाजपा की काट ढूंढने के लिए उसके पास कोई ठोस वजह नहीं है। लिहाजा विपक्ष पूरे चुनाव को जातीय आधार पर लड़ने की तैयारी में जुट गया है। या फिर यूं कहें कि पिछड़ों को एकजुट करने की कोशिश अखिलेश यादव की दिखाई दे रही है। भाजपा पर विपक्षी दल पिछड़ों और दलितों का विरोधी होने का आरोप लगा रहे हैं, लेकिन विपक्ष के पास प्रधानमंत्री मोदी की इस फोटो की कोई काट नहीं है।

उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने गुरुवार को ट्वीट कर विपक्षियों को करारा जवाब दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की यह दोनों फोटो ट्वीट करते हुए लिखा है- गरीबों, श्रमिकों, पिछड़ों और दलितों का अगर सही मायने में किसी ने सम्मान किया है, तो वह भाजपा के शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। देश के इतिहास में पहले कभी ऐसा नहीं हुआ है जब किसी प्रधानमंत्री ने स्वच्छता कर्मियों के पैर धोए हों और न ही श्रमिकों का इस तरह से सम्मान किया गया है। वह लिखते हैं कि मोदी के दिल में इस देश का गरीब, दलित, वंचित और पिछड़ा बसता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने समाज के जिन वर्गों का केवल शोषण किया, उन्हें प्रधानमंत्री मोदी ने अपना मानकर गले से लगाया, सम्मानित किया और उन्हें सशक्त किया।

एक दूसरे ट्वीट में स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि ओबीसी समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक प्रतिनिधित्व जितना भाजपा में मिला है, उतना किसी सरकार में नहीं मिला। हमारे लिए ‘पी’ का अर्थ ‘पिछड़ों का उत्थान’ है। कुछ लोगों के लिए ‘पी’ अर्थ ‘सिर्फ पिता, पुत्र और परिवार का उत्थान’ होता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी कई मंचों से इस बात का जिक्र कर चुके हैं। मुख्यमंत्री योगी कहते हैं कि इसी भारत की भूमि पर ताज बनाने वालों का हाथ काट लिया गया था। ताकि वह उस तरह की इमारत फिर से न बना सकें। श्रम का अपमान और उन्हें दबाने की कोशिश हमेशा की जाती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने उन श्रमिकों का सम्मान किया जिन्होंने विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का निर्माण किया है। उन श्रमिकों पर पुष्प वर्षा की और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। उन्हें अपने परिवार के सदस्य के रूप में स्नेह दिया।

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