Omicron Symptoms: इस अत्यधिक संक्रामक वेरिएंट से संक्रमित होने पर दिखते हैं ये ‘टॉप 5’ लक्षण

कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से होने वाले लक्षणों के बारे में लगातार खबरें आ रही हैं, जिससे लोगों में इसे लेकर उलझन पैदा हो गई है। इसी को देखते हुए यूरोप में प्रोफेसर टिम स्पेक्टर के नेतृत्व में कोविड के लक्षणों का अध्ययन करते हुए नई जानकारी सामने आई है। जिसमें ओमिक्रॉन के “टॉप पांच” लक्षणों के संकेतों के बारे में बताया गया है।

द डेली एक्सप्रेस (यूके) ने बताया कि वैज्ञानिकों ने अक्टूबर और दिसंबर में ज़ोई कोविड स्टडी ऐप में पॉज़ीटिव मामलों के डेटा की तुलना की। यूरोप में अक्टूबर के महीने में, डेल्टा का प्रमुख रूप से दबाव था जबकि दिसंबर में ओमिक्रॉन सबसे प्रभावशाली वेरिएंट बन गया था।

 

ओमिक्रॉन और डेल्टा में ये 5 लक्षण एक जैसे होते हैं:

– नाक बहना

– सिर दर्द

– थकावट (हल्की या गंभीर)

– छींक आना

– गले में ख़राश

रिसर्च में डेल्टा और ओमिक्रॉन के लक्षण प्रोफ़ाइल में कोई साफ अंतर नहीं पाया गया। इस बीच, भारत में, कोविड -19 तीसरी लहर की चरम को देखते हुए, केंद्र सरकार ने बुधवार को सूचित किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ओमिक्रॉन के मामलों में वृद्धि को देखते हुए अस्पताल से डिसचार्ज पॉलिसी को संशोधित किया है।

सावधान रहें, ओमिक्रॉन आम सर्दी-ज़ुकान की तरह नहीं है

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ वीके पॉल ने कहा कि लोगों को खुद को वायरस से बचाने के लिए दवाओं का अधिक सेवन शुरू नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, ” ओमिक्रॉन आम सर्दी-ज़ुकाम की तरह नहीं है, इसे हल्के में न लें। इस वक्त कोविड के मामलों में जो उछाल देखा जा रही है, वो ओमिक्रॉन की वजह से है, इसने या तो डेल्टा की जगह ले ली है या फिर डेल्टा की जगह लेकर प्रमुख स्ट्रेन बनने वाला है। इस दौरान दवाओं का उपयोग सोच-समझकर किया जाना चाहिए। हम लोग ड्रग्ज़ के इस्तेमाल या फिर ग़लत इस्तेमाल को लेकर चिंतित हैं। दवाओं का इस्तेमाल ज़्यादा न करें, इससे बुरा असर बाद में पड़ सकता है, घर पर रहकर ख़्याल रखें और गुनगुने पानी से ग़रारे करें।”

 

यहां तक ​​कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने भी कोविड-19 के ओमिक्रॉन संस्करण से निपटने के दौरान बरती जा रही ढिलाई के खिलाफ चेतावनी दी है और कहा कि महामारी अभी ख़त्म नहीं हुई है।

हालांकि, यूके में हुई एक रिसर्च में पाया गया कि कोविड के कुछ “क्लासिक” लक्षण कम होते दिख रहे हैं। शोधकर्ताओं ने कहा कि “क्लासिक” से हमारा तात्पर्य उन संकेतों से है जो साल 2021 में कोविड के लक्षणों में टॉप 10 में थे, लेकिन अब 17वें स्थान पर हैं। उन्होंने कहा कि नीचे बताए गए लक्षणों का अनुभव सिर्फ 50 प्रतिशत संक्रमित व्यक्ती ही करते हैं:

 

– बुख़ार

– खांसी

– स्वाद और सुगंध की हानी

ओमिक्रॉन में होने वाली बुख़ार भी आप सर्दी से होने वाले बुखार की तरह नही है:

कई लोगों को ऐसा लग सकता है कि ओमिक्रॉन सिर्फ आम सर्दी-बुखार की तरह ही है, लेकिन सच यह है कि ऐसा नहीं है क्योंकि बीमारी आपकी जान भी ले सकती है। कई लोग लंबे समय तक इन लक्षणों से जूझते हैं, जो उनके दिन-प्रतिदिन के जीवन को बाधित करते हैं, जिसे ‘लॉन्ग कोविड’ के रूप में भी जाना जाता है। यूके की हेल्थ बॉडी ने समझाया कि लॉन्ग कोविड का मतलब यह है कि संक्रमण के हफ्तों या महीनों बाद भी इसके लक्षण आपको परेशान करते रहते हैं। लॉन्ग कोविड किसी को भी हो सकता है।

लॉन्ग कोविड के आम लक्षणों में:

– भयानक कमज़ोरी

– सांस लेने में तकलीफ

– सीने में दर्द या फिर जकड़न

– याददाश्त और एकाग्रता में दिक्तें आना जिसे “ब्रेन फॉग” भी कहा जाता है।

– रात में नींद न आना (इनसोमनिया)

– घबराहट होना

– चक्कर आना

– सुई सी चुभना

– अवसाद और चिंता

– टिनिटस, कान दर्द

– बीमार महसूस करना, दस्त, पेट दर्द, भूख न लगना

– तेज़ बुखार, खांसी, सिर दर्द, खगे में ख़राश, स्वाद और सुगंध में बदलाव आना

– लाल चकत्ते

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