बचपन की इन 5 गलतियां से पछताना पड सकता है आजीवन

हर किसी को अपना बचपन याद आता है। हम सबने अपने बचपन को जीया है। शायद ही कोई होगा, जिसे अपना बचपन याद न आता हो। बचपन एक ऐसी उम्र होती है, जब बगैर किसी तनाव के मस्ती से जिंदगी का आनन्द लिया जाता है। छोटी सी उम्र में हमे गलत और सही में अंतर नही पता होत। और न ही हमारे में समझ होती है। हमे ये भी नही पता रहता कि आने वाले वक़्त में हम जो काम कर रहे उसका क्या परिणाम होग। फिर भी बचपन तो बचपन होता है। ये बचपन की कुछ अहम गलतियां, इनसे हमे आजीवन पछताना पड सकता है।

समय पर पढ़ाई
बचपन में खेलने-कूदने के साथ पढ़ाई करना भी बेहद जरूरी है। अगर आपने समय के साथ पढ़ाई नहीं तो आप इस दुनिया में पिछड़ जाओगे और जब वापस मुड़कर देखोंगे तो आपको कुछ दिखाई नहीं देगा केवल शर्मिदंगी के अलावा। इसलिए समय के साथ चलने के लिए बचपन से ही पढ़ाई करना बेहद जरूरी है।

मां-बाप की कद्र
बचपन में मां-बाप की कद्र नहीं करने से आपके मन में प्यार पाने की लालसा हमेशा अधूरी रह जाती है। क्योंकि बचपन में आपने मां-बाप की कद्र नहीं कि और आपको वो सारा प्यार नहीं मिल पाया जो आपको मिलना चाहिए था। आज आप उसी प्यार के तरस रहे जो बचपन में गवां दिया।

स्मोकिंग की लत
कहते हैं बच्चे सबसे ज्यादा बचपन में ही बिगड़ते है। बच्चों पर संगत का असर बहुत जल्दी होता है। बच्चे स्कूल या कॉलेज के दिनों में गलत संगत का शिकार हो जाते हैं और वो तरह-तरह के नशे करने लगते है। यहीं बचपन की नादानियां आगे चलकर उनकी लत बन जाती है। जैसे सिगरेट पीना, बीड़ी पीना, गांजा, चरस, शराब आदि की लत जो उनकी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

शारीरिक आकर्षण
हर बच्चा चाहता है कि बचपन से ही उसकी बॉडी स्ट्रांग हो। लेकिन केवल बॉडी स्ट्रांग होने से ही जीवन नहीं चलता। बॉडी स्ट्रांग होने के साथ-साथ दिमाग का अच्छा विकास होना भी बहुत जरूरी है। इसलिए शारीरिक आकर्षण के साथ आपको बाहरी ज्ञान की भी जरूरत होती है।

गलत संगत
बहुत से बच्चे बचपन ही में ऎसी संगत में पड़ जाते है कि उनकी जवानी पूरी तबाह हो जाती है। कुछ बच्चों को बचपन में ही अश्लील किताबे पढ़ने या अश्लील साइटे देखने की लत पड़ जाती जो उनकी जवानी को बर्बाद कर देती है। इससे उनका शारीरिक विकास तो प्रभावित होता है साथ ही उनका मानसिक संतुलन भी बिगड़ जाता है।

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