कोरोना के हल्के इंफेक्शन को खतरनाक बना सकती हैं ये 5 गलतियां, न करें लापरवाही

कोरोना वायरस (Coronavirus) के ओमिक्रॉन वेरिएंट (Omicron Variant) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं . ऐसे में जरूरी है कि संक्रमित होने पर हल्के लक्षणों को भी इग्‍नोर न करें और तुरंंत जांच कराकर इलाज शुरू करें. बीमारी को लेकर लापरवाही से हल्का इंफेक्शन गंभीर रूप ले सकता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कोविड-19 के नए वेरिएंट से संक्रमित होने पर कुछ जरूरी एहतियात बरतें.

लक्षणों को न करें इग्नोर

ओमिक्रॉन संक्रमितों में पहले तीन से पांच दिन गले में दर्द और बुखार की शिकायत रहती है. इस दौरान 102-103 डिग्री तक बुखार हो सकता है. बॉडी पेन और सिरदर्द की शिकायत भी लोगों में देखने को मिल रही है. कोरोना के सामान्य और गंभीर लक्षणों पर नजर रखें. हल्के लक्षणों को भी गंभीरता से लें. वायरल बुखार की तरह इसका इलाज न करें. कोई भी संकेत दिखने पर तुरंत कोविड टेस्ट कराएं.

डॉक्टर्स की सलाह पर ही दवा लें

डॉक्टर्स की सलाह पर ही दवाएं लें. बेवजह स्टेरॉयड का इस्तेमाल न करें. कोरोना संक्रमित होने पर अगर आप बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयां लेते हैं तो इससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.

देरी से टेस्ट कराने से बढ़ जाएगी बीमारी

ज्यादातर लोग देर से टेस्ट कराते हैं. इससे बीमारी बढ़ सकती है. टेस्टिंग में देरी न करें और शरीर में दिख रहे लक्षणों पर तुरंत ध्यान दें. जांच से पहले और इसके बाद आइसोलेशन में रहें.

अगर है हाई बीपी और डायबिटीज की समस्या

हाई बीपी या डायबिटीज के मरीजों पर कोरोना ज्यादा हावी रहता है, इसलिए ऐसे मरीजों को ज्यादा सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. कोविड-19 के ज्यादातर मामले हल्के लक्षणों से शुरू होते हैं, लेकिन म्यूटेंट स्ट्रेन में वृद्धि  से इंफेक्शन गंभीर रूप ले सकता है.

पहले दिन से लक्षणों को कंट्रोल करें

डॉक्टरों के मुताबिक, मरीजों को पहले दिन से ही इसे कंट्रोल करने का प्रयास करना चाहिए. कोविड-19 के लक्षणों को बिल्कुल इग्नोर न करें और रिकवरी के दौरान इस  बात का खास ध्यान रखें कि लक्षण गंभीर रूप न लें.

Check Also

ऑटिज्म के खतरे से जुड़े संकेतों का पता लगाने में वैज्ञानिकों को मिली कामयाबी – स्टडी

Signs Associated With the Risk of Autism : ऑटिज्म (Autism) या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism Spectrum …