The Untold love Story of Lata Mangeshkar : दुनिया का दिल जीतकर, आखिर किसे दिल हार गईं सुरों की मलिका? प्यार की अधूरी दास्तां…

love Story of Lata Mangeshkar :  दुनिया का दिल जीतने वाली सुर सामाज्ञी, स्वर कोकिला, और बुलबुले हिंद जैसे शब्दों से नवाजी जा चुकीं हिन्दी गीत-संगीत की आन, बान, शान कोकिल बयनी लता मंगेशकर भी किसी को अपना दिल हार चुकी हैं.

ये उत्कंठा हर किसी के दिलो दिमाग में घर किये जा रही होगी कि, आखिर कौन है वो शख्स जिसने सबका दिल जीतने वाली मलिका का दिल जीत लिया. भला वो कैसा होगा ?

किसी ने ठीक ही कहा है, कि प्रेम की बीमारी से कोई बचा नहीं प्रेम ही है सार और दुनिया में कुछ नहीं.भगवान राम ने भी माता सीता से कहा है.  प्रियतमे प्रेम है बड़ी चीज, मानव का इसपर जीवन है। लाता है प्राणी साथ इसे, यह उसका जन्म सिद्ध धन है।।

यानि प्रेम ऐसी चीज है, जिसपर मनुष्य जिंदा रहता है. यह ऐसी चीज है, जिसे किसी को बताने और सिखाने की जरूरत नहीं होती, वह अपने आप जान जाता है और  अपने साथ लेकर आता है. और उसके अंत तक यही उसका जन्मसिद्ध धन होता है.

लता जी की उपलब्धि

लता मंगेशकर Lata Mangeshkar का जन्म 28 सितंबर सन् 1929 को मध्य प्रदेश के इंदौर में हुआ. उन्होने इतना बड़ा मकाम अपनी जिंदगी में परेशानियों के पहाड़ को चीरकर हासिल किया. लता मंगेशकर ने 30 से ज्यादा भाषाओं में 10 हजार से ज्यादा गानों को अपने कण्ठ में पिरोया.

उनके इसी काम और जज्बे की बदौलत साल 1989 में उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित सिने पुरस्कार दादा साहब फाल्के से नवाजा गया. यही नहीं साल 2001 में उन्हें देश के सबसे बड़े सिविलियन अवार्ड भारत रत्न से सम्मानित किया गया.

लता की अधूरी प्रेम कहानी 

वैसे तो लता मंगेशकर Lata Mangeshkar के देश-दुनिया में करोड़ो चाहने वाले हैं. और उनके मन में अक्सर ये सवाला आता है. कि आखिर उन्होने शादी क्यों नहीं की. जिंदगी के नए दौर की शुरूआत का फलसफा यूं थाम देने की असली वजह क्या है? वगैरा… वगैरा…

शायद… चाहतों के अधूरेपन की भरपाई करने के लिये काटे जाने वाले सफर का नाम जिंदगी है…

तो आइये अब बिना देर किए हम आपको बता दें. लता जी की प्रेम कहानी के बारे में. लता जी को एक राजकुमार से प्यार हुआ, लेकिन वह सिर्फ सपनों का राजकुमार बनके रह गया.

मिली जानकारी के मुताबिक, लता जी को डूंगरपुर राजघराने के महाराज राज सिंह से प्यार हुआ. राज सिंह ने अपने माता पिता को वचन दिया दिया था कि वह किसी आम घराने की लड़की से शादी नहीं करेंगे. और अपने माता पिता से किए गए वादे के मुताबिक महाराज वचनबद्ध होकर रह गए उन्होने लता जी से शादी नहीं की.

इतना ही नहीं लता मंगेशकर Lata Mangeshkar के भाई हृदयनाथ मंगेशकर राज सिंह के अच्छे दोस्त भी थे. और राजसिंह लता को प्यार से मिट्ठू कहकर बुलाते थे.

राज सिंह को क्रिकेट से बड़ा प्रेम था. उन्होने करीब 16 सालों तक प्रथम श्रेणी का क्रिकेट खेला. इसके अलावा वे दो बार नेशनल टीम के सेलेक्टर भी बने. 4 बार भारतीय टीम के विदेशी दौरे का प्रबन्ध किया. और तो और वे भारतीय जनता पार्टी के सदस्य भी रहे.

लता ने क्यों नहीं की शादी 

लेकिन इन सब बातों के इतर शादी के सवाल पर लता Lata Mangeshkar  जी का कहना है. कि उन्होने घर की जिम्मेदारियों की वजह से अपनी शादी नहीं. उनकी मानें तो बहुत कम उम्र में ही उनके ऊपर कई बड़ी जिम्मेदारियां आ गईं जिस वजह से वो शादी के बारे में कभी सोच नहीं पाईं।

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