आयकर विभाग के दैनिक भास्कर पर छापे, अख़बार ने कहा- सच्ची पत्रकारिता से डरी सरकार

आयकर विभाग ने गुरुवार सुबह भारत के प्रमुख मीडिया समूह दैनिक भास्कर के कई ठिकानों पर छापेमारी की है. दैनिक भास्कर हिन्दी के प्रमुख समाचारपत्रों में से एक है.

सीबीडीटी (सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्सेज़) की प्रवक्ता सुरभि जायसवाल ने बीबीसी से दैनिक भास्कर के ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई की पुष्टि की है.मीडिया समूहों के दफ्तर पर छापेमारी के विरोध में संसद में भी विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया है जिसकी वजह से संसद की कार्यवाही प्रभावित हुई है.

‘प्रेस की आज़ादी पर हमला’

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट में कहा, “दैनिक भास्कर और भारत समाचार पर आयकर छापे मीडिया को डराने का प्रयास है. उनका संदेश साफ़ है- जो भाजपा सरकार के ख़िलाफ़ बोलेगा, उसे बख्शेंगे नहीं।ऐसी सोच बेहद ख़तरनाक है।सभी को इसके ख़िलाफ़ आवाज़ उठानी चाहिए. ये छापे तुरंत बंद किए जायें और मीडिया को स्वतंत्र रूप से काम करने दिया जाए.”

दैनिक भास्कर ने एक ट्वीट में कहा है, “मैं स्वतंत्र हूं, क्योंकि मैं भास्कर हूं, भास्कर में चलेगी सिर्फ पाठकों की मर्जी.” अरविंद केजरीवाल ने इस ट्वीट को रिट्वीट किया है.

मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ ने एक ट्वीट में कहा है- सच को देश भर में निर्भीकता से उजागर कर रहे दैनिक भास्कर मीडिया समूह को दबाने का काम शुरू हो गया है? अपने विरोधियों को दबाने के लिए, सच को सामने आने से रोकने के लिये ईडी ,आईटी व अन्य एजेंसियो का दुरुपयोग यह सरकार शुरू से ही करती रही है और यह काम आज भी जारी है.

वहीं राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्विटर पर जारी एक बयान में आयकर विभाग की कार्रवाई को मीडिया को दबाने का प्रयास बताया है.पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्विटर पर कहा, “पत्रकारों और मीडिया घरानों पर हमला लोकतंत्र को कुचलने का एक और क्रूर प्रयास है. दैनिक भास्कर ने बहादुरी से रिपोर्ट किया है कि कैसे मोदी सरकार की लापरवाही से कोरोना के दौरान देश को भयानक दिन देखने पड़े.”

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