बल्लेबाज रन आउट था, अंपायर ने बिना अपील के आउट नहीं दिया, क्या है नियम?

ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच टी20 सीरीज का दूसरा मैच रविवार 11 फरवरी को एडिलेड ओवल में खेला गया. इस मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 34 रनों से जीत हासिल की. टीम ने सीरीज में 2-0 की बढ़त भी बना ली है. इस मैच के अंत में यानी दूसरी पारी के 19वें ओवर में रन आउट को लेकर हंगामा मच गया. हंगामा इस बात पर था कि अंपायर ने अल्जारी जोसेफ के स्पष्ट रन आउट पर भी आउट नहीं दिया। इससे ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाड़ी नाखुश दिखे. इसके बाद क्रिकेट जगत में इसके नियमों को लेकर बहस शुरू हो गई है.

कैसे खड़ा हुआ विवाद?

नियम बताने से पहले अगर हम आपको पूरी कहानी बताएं तो कुछ ऐसा हुआ जब 19वें ओवर की तीसरी गेंद पर अल्जारी जोसेफ स्पेंसर जॉनसन के लिए रन ले रहे थे. लेकिन कवर पर तैनात फील्डर ने गेंद गेंदबाज की ओर फेंकी और अल्जारी साफ तौर पर रन आउट हो गए. इसके बाद जॉनसन और कप्तान मिशेल मार्श जश्न मनाने लगे कि उन्हें विकेट मिल गया है. लेकिन फील्ड अंपायर जेरार्ड अबुड ने उन्हें नॉट आउट दिया. हर कोई हैरान था कि उन्होंने क्लियर रन आउट क्यों नहीं दिया. उन्होंने कहा कि किसी ने अपील नहीं की इसलिए उन्हें आउट नहीं दिया गया.

 

 

 

एमसीसी के पूरे नियम क्या हैं?

मैरीलेबोन क्रिकेट क्लब (एमसीसी) के कानून 31.1 के अनुसार, अंपायर किसी बल्लेबाज को अपील के बिना नॉट आउट दे सकता है। इस नियम के मुताबिक अंपायर तभी आउट देता है जब फील्डर या किसी और ने अपील की हो. ऐसे में चाहे कितने भी बल्लेबाज आउट हों, अंपायर से अपील करना जरूरी है. इस तरह का नियम स्टंपिंग और एलबीडब्ल्यू में लागू होता है.

खिलाड़ी गुस्से में थे

हालांकि फील्ड अंपायर जेरार्ड अबुड के इस फैसले के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी नाराज दिखे. लेकिन नियमों के मुताबिक देखा जाए तो यह अंपायर का सही फैसला था. पूरे मामले पर टिम डेविड ने कहा कि यह बेहद निराशाजनक है। डेविड ने यह भी कहा कि उन्होंने अपील की लेकिन अंपायर ने उन्हें आउट नहीं दिया।

मैक्सवेल ने अपना पांचवां टी-20 शतक लगाया

इस मैच की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया ने पहले खेलते हुए 241 रन का विशाल स्कोर बनाया. ग्लेन मैक्सवेल ने अपने टी20 इंटरनेशनल करियर का पांचवां शतक लगाया. इसके बाद वेस्टइंडीज की टीम सिर्फ 207 रन ही बना सकी और 34 रनों से मैच हार गई.