राजद्रोह मामले में गिरफ्तार पांचों किसानों को जमानत, रिहा:डिप्टी स्पीकर के घेराव पर लगी थी संगीन धारा, हटते ही बलदेव सिंह सिरसा का अनशन खत्म; अब नहीं होगा शहर बंद

 

डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के घेराव को लेकर लगी राजद्रोह की धारा में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई के बाद जूस पीकर अनशन खत्म करते किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा। - Dainik Bhaskar

डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के घेराव को लेकर लगी राजद्रोह की धारा में गिरफ्तार पांच किसानों की रिहाई के बाद जूस पीकर अनशन खत्म करते किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा।

सिरसा में बीती 11 जुलाई को किसान प्रदर्शन के दौरान डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के विरोध प्रदर्शन मामले में गिरफ्तार पांचों किसानों को गुरुवार को जमानत मिल गई है। सेशन जज राजेश मल्होत्रा की अदालत द्वारा जमानत मंजूर किए जाने के बाद शाम को जेल से पांचों किसानों को रिहा कर दिया गया। जेल से रिहाई के बाद खैरपुर वासी साहब सिंह, फग्गुवासी बलकार सिंह, निक्का सिंह, रंगा सिंह, बलकौर सिंह किसानों के धरने पर पहुंचे। धरनास्थल पर रिहा होकर आये किसानों का स्वागत किया गया।

बता दें कि इस मामले में गुरुवार को ही जमानत याचिका दायर की गई थी, जिस पर पुलिस की तरफ से कोई ऑब्जेक्शन नहीं किया गया। आज ही सुनवाई के बाद जमानत मंजूर करते हुए शाम तक किसानों को रिहा कर दिया गया। किसानों को जमानत मिलने के बाद किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा को जूस पिलाकर उनका अनशन खत्म करवाया गया। इसके इलावा किसान कमेटी ने शुक्रवार को सिरसा बन्द व हिसार में डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा के आवास घेराव का फैसला रद्द कर दिया है। उम्मीद है कि देर रात तक लघुसचिवालय के आगे चल रहा धरना भी उठा लिया जाएगा।

रिहाई के बाद अनशन पर चल रहे किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा से मिलने पहुंचे जेल से रिहा आंदोलनकारी साथी।

रिहाई के बाद अनशन पर चल रहे किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा से मिलने पहुंचे जेल से रिहा आंदोलनकारी साथी।

इस तरह से चला रहा पूरा प्रकरण
सिरसा में पूरा मसला 11 जुलाई को शुरू हुआ। सीडीएलयू में भाजपा कार्यक्रम में शामिल होने आए डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा समेत भाजपा नेताओं का किसानों ने विरोध किया। विरोध हिंसक हुआ तो बात पथराव और गाड़ी पर डंडे बरसाने तक पहुंच गई। इस मामले में पुलिस ने 100 से ज्यादा किसानों पर राजद्रोह व हत्या प्रयास का केस दर्ज किया। 15 जुलाई को इस मामले में पांच किसानों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किसानों को रिहा करवाने के लिए किसान संगठनों ने 17 जुलाई को महापंचायत बुलाई। महापंचायत के बाद किसान नेताओं की प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मीटिंग हुई लेकिन समझौता नहीं होने पर किसानों ने धरना शुरू कर दिया। धरने के साथ ही किसान नेता बलदेव सिंह सिरसा ने आमरण अनशन शुरू कर दिया। 19 जुलाई को फिर मीटिंग हुई जो बेनतीजा रही। 21 जुलाई को किसानों ने 2 घण्टे के लिए नेशनल हाइवे जाम रखा और 23 जुलाई को सिरसा बन्द करने का अल्टीमेटम दे दिया। इसी बीच 22 जुलाई को गिरफ्तार पांचों किसान कोर्ट के ऑर्डर पर जमानत देते हुए रिहा कर दिए गए।

 

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