टीम इंडिया की गेंदबाजी की धार, वनडे में जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड से भी हुई बेकार, यकीन नहीं तो ये आंकड़े देख लें

वनडे क्रिकेट (ODI Cricket) में भारतीय गेंदबाजी (Team India’s Bowling) की तुलना, वो भी इस फॉर्मेट की कमजोर टीमों से करनी पड़ेगी, कौन जानता था? लेकिन, यही क्रिकेट है, जहां चंद मुकाबले किसी खिलाड़ी या टीम को अर्श से फर्श पर गिरा सकते हैं. 2019 वर्ल्ड कप (2019 World Cup) के पहले जिन भारतीय गेंदबाजों की वनडे में तूती बोलती थी. वो फिलहाल बेजान हैं. उनमें रफ्तार है पर उसकी धार गुम है. गेंदों में टर्न है पर बल्लेबाजों को नचाने की कला मिसिंग है. जी हां, इन्हीं वजहों के चलते भारतीय गेंदबाजी आज हाशिए पर है. उसकी तुलना उसके टक्कर की टीमों के गेंदबाजों के साथ नहीं बल्कि जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड जैसी फिसड्डी टीमों से करनी पड़ रही है.

वनडे मुकाबले 2019 वर्ल्ड कप के पहले की तरह अब भी खेले जा रहे हैं. पहले की तरह अब भी उसमें पावरप्ले हो रहे हैं. लेकिन, उन पावरप्ले में अब भारतीय गेंदबाजी की रामकहानी पहले जैसी नहीं रही. पावरप्ले में टीम इंडिया की गेंदबाजी की ताजा सूरत बेरंग है. वो बेजान है. अब वो बल्लेबाजों का शिकार करती नहीं, बन जाती है. तभी तो 2019 वर्ल्ड कप के बाद न्यूजीलैंड से साउथ अफ्रीका तक के जो दौरे भारत ने किए, उन सबमें विकेट के मामले में शुरुआती सफलताओं का ना मिल पाना टीम की हार की बड़ी वजह बनी है.

2019 वर्ल्ड कप के बाद हाशिए पर भारत की गेंदबाजी

वनडे क्रिकेट का पहला पावरप्ले यानी शुरुआत के 10 ओवर का खेल. इस दौरान भारत की गेंदबाजी को आप 2019 वर्ल्ड कप के बाद के पैमाने पर परखेंगे तो हालात बेहद ही निराशाजनक दिखते है. भारत इस तराजू में जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान या फिर स्कॉटलैंड जैसी टीमों के बीच धूल फांकता दिखता है. अब आप कहेंगे कैसे, तो ये आंकड़े देख लीजिए.

2019 वर्ल्ड कप के बाद खेले वनडे मुकाबलों में शुरुआत के 10 ओवरों में भारत उन टीमों की जमात में सबसे टॉप पर है, जिनके नाम सबसे कम विकेट हैं. इतना ही नहीं भारत की औसत और इकॉनमी भी सबसे खराब रही है. भारतीय गेंदबाजों ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद पहले पावरप्ले में अब तक 23 बार गेंदबाजी की है. इसमें उन्होंने 5.74 की इकॉनमी और 132.10 की औसत से केवल 10 विकेट चटकाए हैं.

जिम्बाब्वे और स्कॉटलैंड का हाल भारत से बेहतर

जबकि, इस दरम्यान जिम्बाब्वे, अफगानिस्तान या स्कॉटलैंड की गेंदबाजी का हाल पहले पावरप्ले में देखेंगे भारत से बेहतर दिखता है. जिम्बाब्वे ने 2019 वर्ल्ड कप के बाद 15 पारियों में 4.65 की इकॉनमी और 63.45 की औसत से 11 विकेट चटकाए हैं. अफगानिस्तान ने 7 पारियों में 4.40 की इकॉनमी और 28 की औसत से 11 विकेट लिए हैं. वहीं स्कॉटलैंड के गेंदबाजों ने 11 पारियों में 4.41 की इकॉनमी और 40.50 की औसत से 12 विकेट झटके हैं.

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