सुप्रीम कोर्ट ने वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट को किया निरस्त

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट को निरस्त कर दिया है। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि पश्चिम बंगाल का ये कानून केंद्रीय कानून रियल इस्टेट रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट एक्ट के समान है।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस आदेश के पहले पश्चिम बंगाल में जिस रियल इस्टेट इंडस्ट्री ने पहले से वेस्ट बंगाल हाउसिंग इंडस्ट्री रेगुलेशन एक्ट के तहत रजिस्ट्रेशन करवाया हो उसका रजिस्ट्रेशन जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि पश्चिम बंगाल के इस कानून के निरस्त होने का ये मतलब नहीं है कि राज्य में 1993 के निर्माण को रेगुलेट करने के लिए बना कानून जारी रहेगा।
कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल के कानून के पहले केंद्रीय कानून रेरा अस्तित्व में आ गया था। दोनों ही कानून उपभोक्ताओं के प्रति बेहतर जवाबदेही के लिए लाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल का कानून, केंद्रीय कानून रेरा का 95 से 98 फीसदी कॉपी पेस्ट किया हुआ कानून है, लेकिन कुछ मामलों में ये रेरा के प्रावधानों के उलट है। कोर्ट ने कहा कि रेरा कानून 2016 में अस्तित्व में आ गया था और पश्चिम बंगाल का कानून जून 2018 में अस्तित्व में आया। इस कानून पर राष्ट्रपति ने सहमति भी नहीं दी थी जो कि संविधान की धारा 254(2) के तहत जरूरी होता है।

 

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