SRN में रेप केस में बढ़ी तकरार:प्रयागराज में डॉक्टर और महिला संगठन आमने-सामने, सैकड़ों डॉक्टरों ने जुलूस निकाल जताया तीखा विरोध

 

प्रयागराज में सैकड़ों डाॅक्टरों ने किया प्रदर्शन। - Dainik Bhaskar

प्रयागराज में सैकड़ों डाॅक्टरों ने किया प्रदर्शन।

  • आंखों में गुस्सा और हाथों में तख्तियां लिए की नारेबाजी, सोशल मीडिया को भी लिया आड़े हाथों

प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में कुछ दिन पूर्व एक युवती द्वारा चिकित्सकों पर रेप का आरोप लगाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले को लेकर अब महिला संगठन और डॉक्टर आमने सामने आ गए हैं। जांच कमेटी और मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट में रेप के आरोप खारिज होने के बाद भी महिला संगठनों व राजनीतिक दलों द्वारा कार्रवाई की मांग और प्रदर्शन से चिढ़े सैकड़ों डाॅक्टरों ने भी सोमवार की शाम मेडिकल कॉलेज जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया। जुलूस के दौरान डॉक्टरों के हाथों में स्लोगन लखी तख्तियां थीं और चेहरे पर गुस्सा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिसबल मौजूद रहा।

डाक्टरों के हाथों में जो स्लोगन लिखी तिख्तयां थीं उनमें लिखा था कैसे करेंगे इलाज जब खबरे में है लाज? क्या है आपके आरोपों की बुनियाद? न हैं हम योद्धा हैं, न भगवान, हम हैं केवल इंसान, हमारा भी है आत्मसम्मान। वी डोंट रेप। मरीजों के जीवन और जिंदगी को राजनीतिक एजेंडा न बनाएं। हम डाक्टरों पर झूठे आरोप लगाना बंद करो, सोशल मीडिया कोई कोर्ट नहीं है जैसे स्लोगन लिखे थे। डॉक्टरों का गुस्सा उनके चेहरे पर साफ दिखाई दे रहा था।

जांच रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं विपक्षी दल व महिला संगठन
दरअसल, स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती मिर्जापुर जिले की एक महिला मरीज का 31 मई को आंतो का मेजर ऑपरेशन हुआ था। मेडिकल बोर्ड के मुताबिक ऑपरेशन के दौरान 2 महिला और 2 पुरुष चिकित्सकों के अलावा एक नर्स की टीम मौजूद थे।

होश में आई महिला मरीज ने ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों द्वारा रेप किए जाने का आरोप लगाकर सनसनी फैला दी थी, जिसके बाद प्राचार्य डॉ एसपी सिंह और सीएमओ डॉ प्रभाकर राय ने मेडिकल बोर्ड का गठन कर दिया था। मेडिकल बोर्ड ने रेप के आरोपों को खारिज कर दिया था। इसके बाद समाजवादी पार्टी की नेत्री रिचा सिंह ने कुछ महिला संगठनों के साथ आइजी दफ्तर पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यहीं से मामले ने तूल पकड़ लिया।

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों को समझाता पुलिस अफसर।

प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों को समझाता पुलिस अफसर।

डॉक्टरों ने कहा- हर जगह सियासत ठीक नहीं
इससे आहत डॉक्टरों ने सोमवार को अपनी छवि धूमिल होते देख सोमवार को शांतिपूर्वक विरोध-प्रदर्शन का निर्णय लिया था। इसी कड़ी में यह विरोध-प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में शामिल डॉक्टर आशुतोष ने कहा कि जब ये बात साबित हो चुकी है सभी आरोप गलत थे, बावजूद इसके सियासी वजह से विरोध-प्रदर्शन और जुलूस निकाले जा रहे हैं, जिससे डॉक्टरों को काम करने में मुश्किल हो रही है । जूनियर डॉक्टर गुंजन ने कहा कि इससे न सिर्फ हमें मानसिक परेशानी हो रही है बल्कि हमारी भावनाएं आहत हो रही हैं। एक तरफ आप डॉक्टरों को भगवान कहते हैं ऊपर से ऐसे झूठे आरोप लगाते हैं।

राजनीतिक फायदे के लिए विपक्ष दे रहा मामले को हवा
डॉक्टर आशुतोष कहते हैं कि प्रदेश में विधानसभा चुनावों में अब कुछ महीनों का ही समय बाकी है , ऐसे में विपक्ष मेडिकल रिपोर्ट को भी नकार रहा है। विरोध-प्रदर्शन में जुटा है । दूसरी ओर सियासत के इस पैंतरे को समझने में नाकाम डॉक्टर बिरादरी खुद को अपमानित और आहत महसूस कर रही है और इसी वजह से अब उसने भी सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाल लिया है ।

डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता।

डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता।

आईजी ने FIR दर्ज करने से मना किया
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष व सपा नेत्री रिचा सिंह ने सोमवार को आइजी से जब अब तक एफआइआर दर्ज न होने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि जबतक लड़की होश में नहीं आ जाती और उसका बयान नहीं दर्ज हो जाता एफआइआर नहीं लिख सकते। रिचा सिंह ने कहा कि यह बहुत ही हास्यास्पद और गैर जिम्मेदाराना रवैया है। आइजी स्तर के अधिकारी से ऐसी उम्मीद नीहं की जा सकती है। उन्हें यह मालूम की नहीं है कि बिना एफआइआर लिखे पीड़िता का सेक्शन 164 के तहत बयान नहीं दर्ज किया जा सकता। जब एफआइआर नहीं लिखा जा सकता तो मेडिकल जांच का क्या औचित्य रह जाएगा जब सारे प्रमाण नष्ट हो जाएंगे।

 

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