स्पाइसजेट ने 80 पायलटों को तीन महीने के लिए बिना वेतन के जबरन छुट्टी पर भेजा

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स्पाइसजेट ने मंगलवार को अपने कर्मचारियों में से कुछ पायलटों को बिना वेतन के 3 महीने के अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया। एयरलाइन ने एक बयान जारी कर इस बात की जानकारी दी है। हालांकि एयरलाइन ने पायलटों की संख्या का खुलासा नहीं किया, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जबरन छुट्टी पर भेजे गए पायलटों की संख्या करीब 80 है। ये पायलट बोइंग और Q400 बेड़े के हैं।

स्पाइसजेट ने भेजे 80 पायलट
स्पाइसजेट ने भेजे 80 पायलट

कंपनी ने कहा कि लागत में कटौती के लिए हमने कुछ पायलटों को तीन महीने के लिए अवैतनिक अवकाश पर अस्थायी रूप से भेजने का फैसला किया है। यह फैसला स्पाइस जेट की नीति के मुताबिक है। इस नीति के तहत स्पाइसजेट अपने कर्मचारियों की छंटनी नहीं करती है और कंपनी ने कोरोना महामारी के चरम के दौरान भी इसका पालन किया। इसके अलावा, एयरलाइन ने यह भी कहा कि बोइंग 737 मैक्स विमान तकनीकी खराबी के बाद दो घातक दुर्घटनाओं से बच गया। इस वजह से इस विमान को मार्च 2019 से नवंबर 2020 के बीच ग्राउंड करना पड़ा।

 

स्पाइसजेट ने अपने बयान में कहा कि स्पाइसजेट ने 2019 में बोइंग 737 मैक्स विमान की ग्राउंडिंग के बाद अपने बेड़े में 30 विमान जोड़े। इसके बाद भी, एयरलाइन इस उम्मीद में नए पायलटों की भर्ती करती रही कि मैक्स जल्द ही फिर से सेवा में शामिल हो जाएगा। लेकिन मैक्स फ्लीट की ग्राउंडिंग जारी रही, जिससे स्पाइसजेट के पास जरूरत से ज्यादा पायलट रह गए। हालांकि, हमें विश्वास है कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा। कंपनी ने कहा कि WeMax विमान को जल्द ही सेवा में वापस लाया जाएगा और सभी पायलट फिर से नौकरी में शामिल हो सकेंगे।

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