मध्यप्रदेश में 50 प्रतिशत ऊर्जा की पूर्ति सौर ऊर्जा से करेंगे : शिवराज

देश में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने पर तेज गति से हो रहा कार्य : केन्द्रीय मंत्री सिंह

-5250 करोड़ की लागत से स्थापित होंगे 1500 मेगा वाट के तीन सौर ऊर्जा प्लांट

-विकासकों के साथ हुआ ऊर्जा क्रय अनुबंध-पत्रों का आदान-प्रदान

-मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय मंत्री ने ऊर्जा साक्षरता अभियान का किया शुभारंभ

भोपाल, 25 नवम्बर (हि.स.)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2030 तक देश की ऊर्जा आवश्यकता की 50 प्रतिशत आपूर्ति सौर ऊर्जा से करने के लक्ष्य की ओर तेजी से बढ़ रहा है। प्रदेश में तय सीमा में इस लक्ष्य को हासिल करने के हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश में प्रतिदिन 5300 मेगा वॉट से अधिक सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। पर्यावरण सुरक्षा की दृष्टि से भी सौर ऊर्जा पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने गुरुवार को शाजापुर में 5250 करोड़ रुपये की लागत के 1500 मेगा वॉट क्षमता वाले आगर, शाजापुर और नीमच के सौर ऊर्जा पार्क के क्रय अनुबंध पर हस्ताक्षर कर भूमि-पूजन किया। उन्होंने निजी निवेशकों के साथ प्रधानमंत्री ‘कुसुम-अ’ योजना के अनुबंध पर भी हस्ताक्षर किये। मुख्यमंत्री चौहान ने ऊर्जा के क्षेत्र में जन-जागरूकता के उद्देश्य से चलाये जाने वाले ऊर्जा साक्षरता अभियान ‘ऊषा’ का शुभारंभ किया।

चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने हर गरीब की झोपड़ी तक बिजली पहुँचाई है। मध्यप्रदेश आज बिजली उत्पादन में आत्म-निर्भर है। प्रदेश में प्रतिदिन 22 हजार मेगा वॉट बिजली का उत्पादन हो रहा है। राज्य सरकार पानी, कोयले, हवा और सूरज सभी माध्यमों से बिजली बना रही है। उन्होंने कहा कि बिजली बचाएँ, पेड़ लगाएँ और कोरोना के टीके लगवाकर स्वयं, परिवार, प्रदेश एवं देश को सुरक्षित करें।

केन्द्रीय ऊर्जा मंत्री आरके. सिंह ने कहा कि सरकार ने हर गाँव-हर घर तक बिजली पहुँचा दी है। यदि कोई घर छूट गया हो तो बता दें, वहाँ भी बिजली पहुँचा दी जाएगी। सरकार ने एक लाख 59 हजार किलोमीटर बिजली ग्रिड बनाई है और लेह, लद्दाख तक हर घर में बिजली पहुँचाई है। हमारी आज प्रतिदिन एक लाख 12 हजार मेगा वॉट बिजली हस्तांतरण की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि देश में सौर ऊर्जा के माध्यम से साफ और सस्ती बिजली उपलब्ध कराने पर तेज गति से कार्य हो रहा है। इस क्षेत्र में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में अनुकरणीय कार्य हो रहा है। सौर ऊर्जा उत्पादन में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। सिंह ने बताया कि भारत सरकार द्वारा नवम्बर माह तक गरीबों को नि:शुल्क राशन प्रदाय की योजना को अब 31 मार्च 2022 तक के लिये बढ़ा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के 88 करोड़ 66 लाख रुपये लागत के 89 कार्यों का लोकार्पण/भूमि-पूजन किया। इनमें जिले के 75 करोड़ 93 लाख रुपये लागत के 10 कार्यों शासकीय विधि महाविद्यालय भवन शाजापुर, संयुक्त तहसील कार्यालय भवन पोलायकलां एवं अवंतिपुर बड़ोदिया, शासकीय महाविद्यालय भवन मोमन बड़ोदिया, शासकीय आयुर्वेदिक औषधालय रनायल, वन स्टॉप सेंटर भवन शाजापुर, पिपल्यागुर्जर बेराज, नवीन पुलिस थाना मोमन बड़ोदिया एवं डीलक्स सुलभ कॉम्पलेक्स का लोकार्पण और 12 करोड़ 73 लाख रूपये लागत से निर्मित होने वाले 13 कार्यों का भूमि-पूजन किया गया।

प्रदर्शनी का अवलोकन किया

मुख्यमंत्री चौहान और केन्द्रीय ऊर्जा और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में महिला स्व-सहायता समूहों के उत्पादों का प्रमुखता से प्रदर्शन किया गया है। मुख्यमंत्री चौहान ने उन्हें ध्यान से देखा और संबंधितों से बातचीत कर उत्पादों की सराहना की। मुख्यमंत्री चौहान ने कार्यक्रम की शुरूआत कन्या-पूजन से की। विभिन्न योजनाओं में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में सौर ऊर्जा पर केन्द्रित लघु फिल्म भी दिखाई गई।

परियोजना से विद्युत उत्पादन मार्च 2023 में प्रारंभ होगा

नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री हरदीप सिंह डंग ने सौर परियोजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1500 मेगा वॉट की इन सौर परियोजनाओं में आगर जिले में 550 मेगा वॉट की 2 यूनिट (350 200), शाजापुर जिले में 450 मेगा वॉट की 3 यूनिट (105 220 125) और नीमच जिले में 500 मेगा वॉट की क्षमता की 3 यूनिट (170 160 170 मेगा वॉट) स्थापित की जाएंगी। परियोजनाओं से मार्च 2023 में विद्युत उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा।

इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर, स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) इंदर सिंह परमार, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी राज्य मंत्री बृजेन्द्र सिंह यादव, सांसद महेन्द्र सिंह सोलंकी और रोडमल राठौर सहित जन-प्रतिनिधि, नागरिक एवं स्कूली छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

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