विश्व शांति के बीज प्रधानमंत्री मोदी में छोटी उम्र से ही बोए गए…..

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विश्व शांति के बीज पीएम मोदी में तब बोए गए थे जब वह एक युवा भाजपा कार्यकर्ता थे और मातृभूमि की सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। अंतर्राष्ट्रीय शांति और सद्भावना की भारत की वैश्विक दृष्टि उनके दिल में धड़क रही थी। जैसा कि उनकी छोटी उम्र की डायरी में दर्शाया गया है, विश्व शांति और सद्भाव की अवधारणा युवावस्था से ही पीएम मोदी के दिमाग में खेली गई थी।मोदी का ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ सोशल मीडिया पर गूंज रहा था।

मोदी ने डायरी में लिखा एक हस्तलिखित नोट

हमारी प्रकृति है : डायवर्सिटी में एकता

 कार्य संस्कृति : त्यान त्याकतेन भुंजीथा

 कार्य शैली : सहाना वावतु सहनाई भुनकतु

 वैश्विक दृष्टि: वसुधैव कुटुम्बकमी

 परंपरा है : चरैवेती चरैवेती

 सपना है : सर्वे आप सुखिन संतु

 ऊर्जा है : वंदे मातरम्

 प्राण शक्ति है: हजारों वर्षों की विरासत

मोदी ने हस्तलिखित नोट में लिखा है कि हमारे अस्तित्व का सार अनेकता में एकता है। कार्य संस्कृति बलिदान अच्छा फल देता है। उन्होंने लिखा कि हमारी कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि भगवान हम सभी की रक्षा करें। आइए हम सब मिलकर पालन-पोषण करें।

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